दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रवादी विचार धारा के प्रवर्तक थे: के पी त्रिपाठी

बांसी। नगर के नेहरू नगर नरकटहा में स्थित काली मंदिर के परिसर में मंगलवार को पण्डित दीन दयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि समर्पण दिवस के रूप में भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष कुबेर बारी के संयोजकत्व में मनाया गया। उक्त कार्यक्रम में भाजपा ज़िला उपाध्यक्ष गौरी शंकर अग्रहरि पूर्व पिछड़ा मोर्चा जिला अध्यक्ष राम शरण मौर्य ज़िला महिला मोर्चा महामंत्री अनुपमा सिंह दूबे सहित तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समर्पण समारोह को सम्बोधित करते हुए रतन सेन डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य के पी त्रिपाठी ने कहा कि पण्डित दीन दयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति में राष्ट्र वादी विचारधारा के प्रवर्तक और उद्घोषक रहे छात्र जीवन से ही विभिन्न राष्ट्रीय महापुरुषों के संपर्क में आकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बने और राष्ट्रीयता को प्रतिष्ठित करने के लिए 21 सितम्बर 1951 को लखनऊ में जनसंघ की स्थापना कराए जिसके प्रथम अध्यक्ष डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रहे,आजीवन राष्ट्र सेवा का व्रत लेकर विकसित राष्ट्र बनाने में पूरे देश में भ्रमण कर राष्ट्रीय चेतना को जागृत किया उनकी कथनी करनी में कोई अंतर नहीं था स्वदेशी के प्रति उनकी निष्ठा अटूट थी,वो अपनी लेखनी के माध्यम से जन चेतना को जगाया और दैनिक स्वदेश, साप्ताहिक पाञ्चजन्य और मासिक राष्ट्रधर्म को प्रकशित कर नवयुवकों में राष्ट्रीय चेतना को जागृत या,कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए के पी त्रिपाठी ने कहा कि ऐसे परम यशस्वी ओजस्वी तपस्वी मनस्वी महापुरुष के अधूरे कार्यों और उनके सपनों को साकार करनेवाला संकल्प लेने की आवश्यकता है




