काबिलियत में निखार लाते हैं मुकाबले

सिद्धार्थनगर। अदबी और तालीमी मुकाबलों से छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा का विकास होता है और उन्हें आगे पढ़ने और बढ़ने का हौसला मिलता है। तालीमी इदारों में अदबी और तालीमी मुकाबलों का आयोजन नियमित होना चाहिए। यह विचार बांसी क्षेत्र के सुप्रसिद्ध तालीमी इदारे दारुल उलूम फैजुर्रसूल बराँव शरीफ में आयोजित अदबी और तालीमी मुकाबले के दौरान सज्जादानशीन अल्लामा गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी ने व्यक्त किए। दारुल उलूम फैजुर्रसूल के नाजिमे आला पीर गुलाम अब्दुल कादिर अल्वी के जन्मदिन तेरह फरवरी के उपलक्ष्य में मजहरो जानशीने शोएब उल औलिया मजमून नवीसी और नातिया इनामी मुकाबले का आयोजन अन्नादी उल अलवी के जेरे इहतिमाम हुआ। इस मुकाबले में उन्नीस छात्रों ने मजमून नवीसी और बत्तीस छात्रों ने नातिया मुकाबले में हिस्सा लिया। मुकाबले के प्रथम, द्वितीय और तृतीय विजेताओं को सर्टिफिकेट के साथ क्रमशः इक्कीस सौ, पंद्रह सौ तथा एक हजार रूपये के नकद इनाम से नवाजा गया। मजमून नवीसी में प्रथम दौर-ए-हदीस के छात्र अब्दुल मुतीन शोएब अख़्तर द्वितीय और सुहेब अल्वी ने त्रितय पूरस्कार हासिल किया, नातिया मुकाबले में मुहम्मद तलहा पहले मुहम्मद एजाज़ुल मुस्तफा दूसरे, मुहम्मद आसिफ रज़ा तीसरे स्थान पर रहेरहे। प्रोग्राम में पीर मुफ्ती मोहम्मद आसिफ अल्वी अजहरी नायब सज्जादानशीन व मुहतमिम ने कहा कि छात्र जीवन में अदबी और सकाफती सरगर्मियां छात्रों में आत्मविश्वास के साथ मेहनत करने और आगे बढ़ने का जज्बा पैदा करती हैं। प्रोग्राम के आयोजन में मौलाना इश्तियाक अहमद कादरी और कारी आफताब आलम उस्मानी की मुख्य भूमिका रही। क़ारी ज़ाहिद यार अल्वी ने सभी छात्रों के लिए लंच बॉक्स भेंट कर हौसला अफ़ज़ाई की। इस अवसर पर शेखुल हदीस मुफ्ती मोहम्मद इस्माइल अल्वी हाशमी, प्रधानाचार्य मुफ्ती अली हसन अल्वी अजहरी, मुफ्ती नूरानी शाह बदरी, सहित अन्य अध्यापक गण तथा छात्र उपस्थित रहे।




