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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

1954 से शुरू हुए माघ मेला का उद्घाटन 28 जनवरी को, माघ मेला कि तैयारी अन्तिम दौर में सुभाष चन्द्र पाण्डेय

बांसी। माघ मेला बांसी का शुभारंभ 28 जनवरी से होना है। इन दिनों मेले की तैयारी तेजी से चल रही है। झूला के संचालक अपना अपना झूला फिट करने में व्यस्त है तो वही दुकानदार अपनी दुकानों को लगाने व सजाने में लगे लगे हुए है।कस्बे में लगने वाला माघ मेला काफी पुराना है। इसकी शुरुआत 1954 में पंडित राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने किया था। राजेंद्र नाथ त्रिपाठी स्काउट से जुड़े हुए थे। उसी दौरान वह प्रयाग माघ मेला गए थे। जहां से उन्हें बांसी में भी मेला लगाने की प्रेरणा मिली। इसके बाद वह मेला लगाने की उधेड़बुन में लग गए और कला अध्यापक मोतीलाल आर्य, ग्राम प्रधान रामशंकर, पूर्व प्रधान महादेव प्रसाद, बच्चा गनेश प्रसाद, हजारी प्रसाद, फूलचंद्र इंस्पेक्टर समेत कस्बे के प्रतिष्ठित लोगों से व्यक्त किया।लोगो ने उन्हें मेला लगाने में पूरा सहयोग करने का आश्वाशन दिया। तत्पश्चात वह र मेला लगाने के लिए लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, इलाहाबाद, बनारस सहित तमाम प्रमुख नगरों का भ्रमण कर मोहम्मद अली टूंरिग टाकीज, अली हुसैन जादूगर, रमजान जमपुरी नाटक, गुलाब बाई, शांति बाई, राधा रानी थियेटर, श्यामलाल कंबल वाले, कालीचरन, लाला हरिनाथ, शाहजहांपुर वाले और बुलंदशहर के मशहूर खजला व्यवसायी से मिलकर उन्हें बांसी माघ मेला आने के लिए आमंत्रित किया। मेले की शुरुआत 1954 में हुई। पहले यह मेला तीन दिन, फिर एक सप्ताह उसके बाद 15 दिन तक चलने लगा। बाद में यह अवधि बढ़कर एक माह हो गई। वर्तमान में माघ मेला बांसी का संचालन आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी कर रही है जिसकी तैयारिया शुरू हो चुकी हैं। नपा अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने बताया कि इस वर्ष यह प्राचीन माघ मेला अपनी 71वीं वर्षगांठ मनायेगा। बांसी के प्राचीन राप्ती नदी के तट पर प्रति वर्ष मौनी अमावस्या के पर्व पर लगने वाला यह ‘माघ मेला एवं प्रदर्शनी’ बांसी के प्राचीन राप्ती नदी के तट पर प्रति वर्ष मौनी अमावस्या के पर्व पर लगने वाला यह ‘माघ मेला एवं प्रदर्शनी’ विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ लगभग एक माह तक चलता है। जहां सुरक्षा की दृष्टिकोण से थाना और मेला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की जाती है। मेले के सफल संचालन के लिए नगर पालिका के कर्मचारियों सहित सभासदों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। मेला सम्बन्धी लिपिकीय कार्य की जिम्मेदारी जमील अहमद को सौंपी गई है। मेले में दूकानों का आवंटन, मेला मैदान व सड़को की सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। मेले में दुकानों, विभिन्न प्रकार के झूला का आगमन शुरू हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने कहा कि मेला अवधि में मेला में आने वाले लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जायेगा। मेले की भव्यता को बनाए रखने का पूरा प्रयास किया गया है।

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