आवसीय जमीन का अभिलेख पाकर गदगद हुए पुराने वाशिंदे

दैनिक बुद्ध का सन्देश
बांसी,सिद्धार्थनगर। तहसील क्षेत्र के खेसरहा तप्पा अंतर्गत बेलवालगुनही गाँव में अनारक्षित बंजर भूमि पर गाँव के 28 गरीबों का कुनबा बर्षों से घर बना कर आबाद था! क्षेत्रीय भाजपा विधायक व पूर्व मन्त्री राजा जय प्रताप सिंह के प्रयास से लोगों के कब्जे की जमीन को लेखपाल के रिपोर्ट पर आबाद लोगों के नाम कर दिया गया

विधायक सिंह के हाथों उक्त आदेश की प्रति प्राप्त कर सभी लाभार्थी खुशी से गदगद हो गए वैसे तो विगत 28 जनवरी को ही खेसरहा थाने पर आयोजित समाधान दिवस के मौके पर इस प्रकरण के पहुंचने पर गरीबों के कब्जे वाली जमीन को लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर गरीबों के नाम आवंटित करने की औपचारिक घोषणा कर दी गई थी। जिसे बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय विधायक की उपस्थिति में पूरा कर दिया गया। तहसील सभागार में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान बेलवालगुनही गाँव के 28 गरीबों के आवासीय भूमि जोकि अनारक्षित बंजर भूमि थी, उपजिलाधिकारी बांसी प्रमोद कुमार के आदेश से गरीबों के नाम आवंटित हो गई। प्रशासन द्वारा आवंटित आवासीय भूमि के मालिकाना हक केआदेश की प्रति विधायक सिंह के हाथों पाकर गाँव के सरवर अली, मो0रफीक, शमशेर, अब्दुल कादिर, अकरम अली, हफीजुल्लाह, सबरुन्निशा, महमूदुल पुत्र टीहुल, सफीक, अकबर अली, राम चरन, मो0उमर, रम्पत, छबिलाल, रईस, श्यामू, रामू, जब्बार, बाबुल्लाह, हाजरा खातून, लक्ष्मी, सर्वजीत, मासूक, अलीरजा, सई मोहम्मद, कैसा, किताबुल्लाह, रामजीत, सुमाऊ आदि कुल 28 लोग खुशी से गदगद हो गए। इसके लिए लोगों ने सरकार के सबका साथ सबका विकास की तारीफ की प्रशंसा करते हुए क्षेत्रीय विधायक व उपजिलाधिकारी को धन्यवाद दिया। विधायक सिंह ने लोगों से कहा कि सरकार सबका साथ सबका विकास व सबका प्रयास के एजेंडे पर निरंतर प्रयास कर रही है! सरकार की मंशा के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की कडी में गरीबों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराना भी एक छोटा सा प्रयास है। इस दौरान लाभार्थियों के साथ उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार डा0संजीव दिक्षित, जोगी इब्राहिम आदि सहित क्षेत्रीय लेखपाल व राजस्व निरीक्षक भी मौजूद रहे।
सांसद ने की बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए एक कन्वेंशन केंद्र स्थापित करने कि मांग
दैनिक बुद्ध का सन्देश
सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के सांसद जगदंबिका पाल ने आज लोकसभा में नियम 377 के तहत अपने संसदीय क्षेत्र डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर में बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए एक कन्वेंशन केंद्र स्थापित करने कि मांग किया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर भगवान बुद्ध के जन्म स्थान के रूप में प्रसिद्ध है, जहां उन्होंने अपने जीवन के पहले 29 वर्ष बिताए थे। सांसद जी ने आगे कहा कि लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों के आधार पर नीति आयोग द्वारा 112 आकांक्षी जिले में से एक है। जगदंबिका पाल ये भी कहा कि सिद्धार्थनगर के लोग आकांक्षी जिले के रूप में सिद्धार्थनगर की पहचान करने और जिले में विकास और समृद्धि लाने के लिए राष्ट्रीय प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करने, साथ ही दृष्टि और नेतृत्व प्रदान करने के लिए वो माननीय प्रधानमंत्री जी का बहुत आभारी हैं। सांसद जी ने आगे कहा कि सिद्धार्थनगर बौद्ध तीर्थयात्रा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है और हर साल हजारों बौद्धों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी कपिलवस्तु आते हैं। इसलिए, बौद्ध तीर्थयात्रियों और अन्य उद्देश्यों की सुविधा के लिए कपिलवस्तु में बौद्ध संस्कृति और विरासत के लिए एक कन्वेंशन केंद्र स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। सांसद ने कहा कि बोध महोत्सव, बौद्ध सम्मेलन, एसोसिएशन ऑफ बुद्धिस्ट टूर ऑपरेटर्स (एबीटीओ) जैसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आयोजकों को निजी स्थान की तलाश करनी पड़ती हैं। कन्वेंशन सेंटर बनने से यह समस्या दूर हो जाएगी। साथ ही यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय विक्रेताओं के लिए व्यापार के अवसर भी प्रदान करेगा। अंत में उन्होंने कहा कि बड़ी भागीदारी के लिए बड़े आध्यात्मिक और बौद्ध कार्यक्रम, व्यापारिक सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

