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आरक्षण, रोजगार, महगाई को लेकर कम्युनिस्ट ने राष्ट्रपति को सम्बन्धित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौपा, सोनभद्र

*आरक्षण बचाओ! रोजगार बचाओ!महँगाई हटाओ! भाजपा सरकार हटाओ!* *को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा।* -खनन में मशीनरी करण के चलते स्थानीय मजदूर दर दर की ठोकरें खाने पर विवश- आर के शर्मा। , बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेन रोड से जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन और महामहिम राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन को एडीएम को सौंप।कलेक्ट्रेट पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने आरक्षण बचाओ, रोजगार बचाओ और भाजपा हटाओ के नारे के साथ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। जहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और एटक के वरिष्ठ नेता कामरेड लल्लन राय जी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर किसी भी वर्ग में भेद नहीं करता है। लेकिन आज कल जाति, धर्म, लिंग और भाषा के आधार पर ही बीजेपी /आरएसएस की सत्ताधारी सरकार आदमी-आदमी और महिला-महिला के बीच खाई बढ़ाने की पुरजोर कोशिश में दिन रात जुटी है।उत्तर प्रदेश में नगर निकाय के चुनाव के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की रिजर्वेशन विरोधी नीति स्पष्ट हो गई ।जब सुप्रीम कोर्ट का 2021 का फैसला था तो उसके आधार पर ओबीसी जातियों का सर्वे क्यों नहीं करवाया गया ? यह अपने में यक्ष प्रश्न है जो बीजेपी का पर्दाफाश करता है।भाजपा और संघ रिजर्वेशन को ही समाप्त करवा देना चाहते हैं और संविधान और देश के कानून नें जो हज़ारों साल वंचित रहे लोगों को स्थान दिया था उसको छीन लेना चाहते हैं। बेरोजगारी काआलम यह है कि भाजपा की सरकारों के द्वारा चाहे केंद्र हो ,चाहे उत्तर प्रदेश , कारखाने बंद किए जा रहे हैं या उनको प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। जिनमें निरंतर रोजगार कम हो रहा है।यहां तक कि सरकारी विभागों में खाली लाखों पदों को भी भरा नहीं जा रहा है ।थोड़ा बहुत रोज़गार है, वह ठेके पर दी जा रही है जो कि जीनें लायक वेतन भी नहीं है ।जनता को अपार कष्टों में रखा जा रहा है और बेरोजगार नौजवान घर पर बैठा है।श्री मोदी नें हर साल 2 करोड रोजगार नौजवानों को देने का वायदा किया था। परंतु वह वायदा वायदा ही रह गया।सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर जो श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है में 2022 -23 में 1.42 करोड़ लोगों ने नौकरी पाने के लिए अपने को पंजीकृत किया था। लेकिन रोजगार से आज तक वंचित है। महगाई सुरसा के मुंह की तरह निरन्तर बढ़ रही है। एक तरफ देश के धनपति दुनिया के सबसे अमीर लोग हो गए हैं तो दूसरी तरफ 45 फ़ीसदी से अधिक जनता गरीबी की रेखा के नीचे पहुंच गई है और प्रतिदिन का सामान जुटाना या दो वक्त की रोटी नसीब होनें में लाले पड़े हैं। जनपद सोनभद्र और उसकी स्थिति *प्रकाशनार्थ* 18/1/2023 *आरक्षण बचाओ! रोजगार बचाओ!महँगाई हटाओ! भाजपा सरकार हटाओ!* *को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी को सौंपा* । *खनन में मशीनरी करण के चलते स्थानीय मजदूर दर दर की ठोकरें खाने पर विवश; आर के शर्मा* सोनभद्र, बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मेन रोड से जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन और महामहिम राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन को एडीएम को सौंप। कलेक्ट्रेट पर भाकपा कार्यकर्ताओं ने आरक्षण बचाओ, रोजगार बचाओ और भाजपा हटाओ के नारे के साथ प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। जहां भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और एटक के वरिष्ठ नेता कामरेड लल्लन राय जी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान जाति, धर्म, लिंग, भाषा के आधार पर किसी भी वर्ग में भेद नहीं करता है। लेकिन आज कल जाति, धर्म, लिंग और भाषा के आधार पर ही बीजेपी /आरएसएस की सत्ताधारी सरकार आदमी-आदमी और महिला-महिला के बीच खाई बढ़ाने की पुरजोर कोशिश में दिन रात जुटी है। उत्तर प्रदेश में नगर निकाय के चुनाव के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की रिजर्वेशन विरोधी नीति स्पष्ट हो गई । जब सुप्रीम कोर्ट का 2021 का फैसला था तो उसके आधार पर ओबीसी जातियों का सर्वे क्यों नहीं करवाया गया ? यह अपने में यक्ष प्रश्न है जो बीजेपी का पर्दाफाश करता है।भाजपा और संघ रिजर्वेशन को ही समाप्त करवा देना चाहते हैं और संविधान और देश के कानून नें जो हज़ारों साल वंचित रहे लोगों को स्थान दिया था उसको छीन लेना चाहते हैं। बेरोजगारी काआलम यह है कि भाजपा की सरकारों के द्वारा चाहे केंद्र हो ,चाहे उत्तर प्रदेश , कारखाने बंद किए जा रहे हैं या उनको प्राइवेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है। जिनमें निरंतर रोजगार कम हो रहा है।यहां तक कि सरकारी विभागों में खाली लाखों पदों को भी भरा नहीं जा रहा है । थोड़ा बहुत रोज़गार है, वह ठेके पर दी जा रही है जो कि जीनें लायक वेतन भी नहीं है ।जनता को अपार कष्टों में रखा जा रहा है और बेरोजगार नौजवान घर पर बैठा है।श्री मोदी नें हर साल 2 करोड रोजगार नौजवानों को देने का वायदा किया था। परंतु वह वायदा वायदा ही रह गया।सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही नेशनल कैरियर सर्विस पोर्टल पर जो श्रम मंत्रालय के अंतर्गत आता है में 2022 -23 में 1.42 करोड़ लोगों ने नौकरी पाने के लिए अपने को पंजीकृत किया था। लेकिन रोजगार से आज तक वंचित है। महगाई सुरसा के मुंह की तरह निरन्तर बढ़ रही है। एक तरफ देश के धनपति दुनिया के सबसे अमीर लोग हो गए हैं तो दूसरी तरफ 45 फ़ीसदी से अधिक जनता गरीबी की रेखा के नीचे पहुंच गई है और प्रतिदिन का सामान जुटाना या दो वक्त की रोटी नसीब होनें में लाले पड़े हैं। जनपद सोनभद्र और उसकी स्थिति पर चर्चा करते हुए पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने कहा कि यहां शासन प्रशासन और खनन ठेकेदारों की मिलीभगत से खनिज परिहार नियमावली जैसे कानून को ठेंगा दिखाकर बालू पत्थर में मशीनरी करण किया जा रहा है, पोकलेन और बालू डंप करने वाले नांव से जलीय जीव जंतुओं को खतरा पैदा किया जा रहा है और पंरपरागत खनन मजदूरों की रोटी इस भाजपा सरकार में छिनी जा रही है। आदिवासियों को वन विभाग द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाकर दर दर की ठोकरें खाने पर विवश किया जा रहा है। जनपद के युवाओं और आदिवासियों के लिए रोजगार इस सरकार में नहीं है , हम लगातार इनके लिए आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। यहां उच्च शिक्षा के लिए केंद्रीय कैमूर विश्वविद्यालय और लोगों के बेहतर चिकित्सा के लिए एम्स जैसे संस्थान की मांग करते हैं। इस अवसर पर कामरेड लल्लन राय, कामरेड आर के शर्मा, कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, कामरेड प्रेम चंद्र गुप्ता, कामरेड दिनेश्वर बर्मा, बसावन गुप्ता, विरेन्द्र सिंह गोंड, बुद्धि राम, हनुमान प्रसाद, अमरनाथ बिंद, मुन्ना धांगर, राजेन्द्र प्रसाद, एस एस मिश्रा, राजाराम बारगाह, चौधरी कोल, दशरथ, फूलमती, पार्वती देवी आदि प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।पर चर्चा करते हुए पार्टी के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने कहा कि यहां शासन प्रशासन और खनन ठेकेदारों की मिलीभगत से खनिज परिहार नियमावली जैसे कानून को ठेंगा दिखाकर बालू पत्थर में मशीनरी करण किया जा रहा है, पोकलेन और बालू डंप करने वाले नांव से जलीय जीव जंतुओं को खतरा पैदा किया जा रहा है और पंरपरागत खनन मजदूरों की रोटी इस भाजपा सरकार में छिनी जा रही है। आदिवासियों को वन विभाग द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाकर दर दर की ठोकरें खाने पर विवश किया जा रहा है। जनपद के युवाओं और आदिवासियों के लिए रोजगार इस सरकार में नहीं है , हम लगातार इनके लिए आवाज उठाने का काम कर रहे हैं। यहां उच्च शिक्षा के लिए केंद्रीय कैमूर विश्वविद्यालय और लोगों के बेहतर चिकित्सा के लिए एम्स जैसे संस्थान की मांग करते हैं। इस अवसर पर कामरेड लल्लन राय, कामरेड आर के शर्मा, कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा, कामरेड प्रेम चंद्र गुप्ता, कामरेड दिनेश्वर बर्मा, बसावन गुप्ता, विरेन्द्र सिंह गोंड, बुद्धि राम, हनुमान प्रसाद, अमरनाथ बिंद, मुन्ना धांगर, राजेन्द्र प्रसाद, एस एस मिश्रा, राजाराम बारगाह, चौधरी कोल, दशरथ, फूलमती, पार्वती देवी आदि प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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