*चौगड़वा ग्राम पंचायत में सफाईकर्मी न होने से आक्रोश, 15 हजार की आबादी गंदगी और बीमारियों के साये में जीने को मजबूर**

**नवाबगंज (बहराइच)।**
सरकार के स्वच्छ भारत मिशन और गांवों को सुंदर बनाने के बड़े-बड़े दावों की हवा विकास खंड नवाबगंज की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत चौगड़वा में निकलती दिखाई दे रही है। इस ग्राम पंचायत में पिछले तीन वर्षों से एक भी स्थायी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है, जिससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। लगभग 15 हजार से अधिक की आबादी प्रशासनिक उदासीनता के कारण गंदगी, बजबजाती नालियों और संक्रामक बीमारियों के खतरे के बीच रहने को मजबूर है।
**प्रमुख मजरे और मोहल्ले गंदगी से बेहाल**
चौगड़वा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले बड़े मजरे जैसे **नवाबगंज, चौगड़वा और हरिहरपुर** में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। इसके अलावा कस्बा नवाबगंज के **हड्डी गोदाम और जोलाहन पुरवा** समेत कई मोहल्लों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और कई जगहों पर जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। आगामी बरसात के मौसम को देखते हुए ग्रामीणों में मच्छरजनित और संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है।
**सीमित संसाधनों के भरोसे पंचायत, समाजसेवियों ने संभाला मोर्चा**
“सफाई कर्मचारी न होने से व्यवस्था संभालना एक बड़ी चुनौती है। ग्राम पंचायत के सीमित संसाधनों से समय-समय पर सार्वजनिक स्थलों की सफाई तो कराई जाती है, लेकिन स्थायी कर्मचारी के बिना समस्या का जड़ से समाधान मुमकिन नहीं है।” — **बेचेलाल जायसवाल (ग्राम प्रधान प्रतिनिधि)**
प्रशासनिक लापरवाही के बीच स्थानीय समाजसेवी **सद्दाम साहब** अपने सहयोगियों के साथ मिलकर स्वयं सफाई कार्य में जुटे हैं ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने इस स्थिति के लिए पूरी तरह से प्रशासनिक उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है।
**अधिकारियों का क्या है कहना?**
ग्रामीणों द्वारा कई बार शिकायत किए जाने के बाद अब जाकर विभाग हरकत में आता दिख रहा है।
* **विशेष सफाई अभियान:** खंड विकास अधिकारी (BDO) नवाबगंज **दीपेंद्र पांडेय** ने बताया कि जल्द ही ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारियों की एक विशेष टीम भेजकर वृहद सफाई अभियान चलाया जाएगा।
* **स्थायी तैनाती:** उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थायी सफाई कर्मचारी की तैनाती के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और ग्रामीणों की इस समस्या का जल्द ही स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
**जनता का सवाल**
स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर तीन साल तक प्रशासन क्यों सोया रहा? अब देखना यह है कि बीडीओ के आश्वासन के बाद चौगड़वा ग्राम पंचायत के हजारों लोगों को इस नरकीय जीवन से कब तक मुक्ति मिलती है।




