वामन अवतार कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, गूंजे जयकारे

दैनिक बुद्ध का संदेश
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। स्थानीय चिल्हिया बाजार में चल रहे सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन बृहस्पतिवार की संध्या कथा वाचक डॉ. इंद्रदेव महाराज ने भगवान वामन अवतार की कथा का मार्मिक वर्णन किया। कथा श्रवण कर श्रोता भावविभोर हो उठे और पंडाल जयकारों से गूंज उठा। कथावाचक ने बताया कि राजा बलि ने भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हुए संसार के धन, वैभव, यश, कीर्ति और राज्य जैसे समस्त सांसारिक मोह का त्याग कर सब कुछ भगवान के चरणों में अर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को राजा बलि से प्रेरणा लेनी चाहिए कि जीवन में धन, संपत्ति और वैभव सब ईश्वर की ही देन है। जब मनुष्य यह भाव अपने भीतर विकसित करता है, तब उसके जीवन में भक्ति के साथ-साथ आपसी प्रेम और सौहार्द भी बढ़ता है तथा अहंकार समाप्त हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण और वाचन करने से कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिलती है। कथा के दौरान बीच-बीच में आकर्षक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिससे पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और सभी भक्तगण भक्ति रस में डूबे नजर आए। इसी क्रम में भाजपा नेता श्याम जायसवाल भी कथा स्थल पहुंचे और व्यासपीठ पर विराजमान पूज्य कथा वाचक महामंडलेश्वर डॉ. इंद्रदेव महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी पावन कथाएं समाज में धर्म, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। इस अवसर पर आयोजक डॉ. राम प्रसाद गुप्ता, डॉ. राजेश गुप्ता, घनश्याम गुप्ता, शैलू सिंह, प्रधान सरवन जायसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष आनंद कसौधन, अंकित त्रिपाठी, डॉ. अनिल कुमार मिश्रा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।




