मुर्दे की गवाही से ‘क्लीन चिट’! ग्राम पंचायत जीवा में भ्रष्टाचार का सनसनीखेज आरोप, जांच की मांग तेज

दैनिक बुद्ध का संदेश
खेसरहा/सिद्धार्थनगर। मिठवल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत जीवा में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि यहां विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित रहे, जबकि सरकारी धन के दुरुपयोग का खेल चलता रहा। ग्राम निवासी नीरज पाण्डेय (पुत्र जितेन्द्र नाथ पाण्डेय) ने जिलाधिकारी को दिए गए नोटरी शपथ पत्र प्रमाण पत्रके माध्यम से ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर सरकारी बजट के गबन, कूट रचित अभिलेख तैयार करने और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पूर्व में की गई शिकायत की जांच रिपोर्ट में सत्यनारायण यादव नामक व्यक्ति का बयान दर्ज किया गया, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उस व्यक्ति की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। ऐसे में ‘मृत व्यक्ति की गवाही’ के आधार पर प्रधान और सचिव को क्लीन चिट दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों ने तथ्यों को छिपाते हुए भ्रामक जांच रिपोर्ट तैयार की, जिससे दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और ग्रामीणों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, यहां तक कि “बुलडोजर कार्रवाई” की भी मांग उठाई है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह मामला न केवल स्थानीय स्तर बल्कि पूरे जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर सकता है।




