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उत्तर प्रदेशबलरामपुर

बलरामपुर में साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़रू 5 शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, करोड़ों के लेन-देन का खुलासा

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। जनपद में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जो देशभर में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से एंड्रॉइड व एप्पल मोबाइल फोन सहित कूटरचित दस्तावेज भी बरामद किए हैं।पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली। अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) विशाल पाण्डेय एवं क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक आर.पी. यादव की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।पुलिस ने मो0 अकरम खान को सुआव नाला के पास से तथा अन्य चार अभियुक्तोंकृबच्चा लाल उर्फ प्रशांत उर्फ गोलू, आशिफ, प्रतीक मिश्रा और सुजीत सिंहकृको श्याम बिहार कॉलोनी से गिरफ्तार किया। सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करता था। अभियुक्त लोग लालच देकर व्यक्तियों के बैंक खाते और उनसे जुड़े सिम कार्ड किराये पर लेते थे। इसके बदले खाता धारकों को 15 से 20 हजार रुपये तक दिए जाते थे, जबकि एजेंटों को करीब 5 हजार रुपये मिलते थे।फर्जी पहचान पत्रों के जरिए अतिरिक्त बैंक खाते और सिम कार्ड जुटाए जाते थे। इसके बाद गिरोह के मुख्य सदस्य ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और ऑनलाइन सट्टा जैसे माध्यमों से धनराशि इन खातों में मंगवाते थे और फिर यूपीआई, क्यूआर कोड व इंटरनेट बैंकिंग के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि असली स्रोत छुपाया जा सके।गिरोह के सदस्य बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड को मिठाई के डिब्बों में छिपाकर कोरियर के माध्यम से एक-दूसरे तक पहुंचाते थे। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था।ब तक की जांच में पुलिस को 17 बैंक खाते मिले हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था। देशभर में इन खातों से जुड़ी 14 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें लगभग 58 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।वहीं, 8 बैंक खातों के विवरण में ही करीब 5.06 करोड़ रुपये के लेन-देन की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य खातों की जांच जारी है।गिरफ्तार अभियुक्त आशिफ के खिलाफ पूर्व में भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज पाया गया है।पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है तथा जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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