नौ दिवसीय श्रीराम कथा में राम जन्म का प्रसंग, सोहर गीतों से भक्तिमय हुआ क्षेत्र

दैनिक बुद्ध का संदेश
पथरा बाजार। सिद्धार्थनगर जिले के पथरा बाजार क्षेत्र के गौरी पाठक में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के दौरान कथा के दौरान भगवान श्रीराम के जन्म का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। राम जन्म के प्रसंग को सुनकर पूरा क्षेत्र भक्ति भाव में डूब गया। कथा स्थल पर मौजूद श्रद्धालु राम जन्म की मंगलमयी घड़ी में झूम उठे और महिलाओं ने पारंपरिक सोहर गीत गाकर वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।कथावाचक ने बताया कि जब अयोध्या के राजा दशरथ को संतान प्राप्ति नहीं हो रही थी, तब उन्होंने महर्षि ऋष्यश्रृंग के मार्गदर्शन में पुत्रेष्टि यज्ञ का आयोजन कराया। यज्ञ के फलस्वरूप भगवान विष्णु ने राजा दशरथ के घर चार पुत्रों के रूप में अवतार लिया। माता कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम, माता कैकेयी से भरत तथा माता सुमित्रा से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ। चारों भाइयों के जन्म से अयोध्या नगरी में हर्ष और उल्लास का माहौल छा गया।कथा में बताया गया कि भगवान राम के जन्म की सूचना मिलते ही पूरे नगर में उत्सव मनाया जाने लगा। राजा दशरथ ने प्रजा में धन, वस्त्र और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी व्यक्त की। नगरवासी भी भगवान के जन्म पर हर्षित होकर एक-दूसरे को बधाई देने लगे और पूरे अयोध्या में मंगल गीत गूंजने लगे।कथावाचक ने यह भी बताया कि भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दर्शन करने के लिए सभी देवी-देवता अयोध्या पहुंचे। भगवान शिव भी अपने प्रिय वाहन नंदी के साथ मदारी का रूप धारण कर अयोध्या पहुंचे और भगवान राम के बाल स्वरूप का दर्शन किया। इस अद्भुत प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और “जय श्रीराम” के जयकारों से कथा पंडाल गूंज उठा।कथा के समापन पर मुख्य यजमान द्वारा भगवान की विधि-विधान से आरती की गई और उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। राम कथा के इस दिव्य प्रसंग को सुनने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया।



