राष्ट्र निर्माण में सज्जन शक्ति की भूमिका पर जैन गोष्ठी आयोजित

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। गोष्ठी में मुख्य वक्ता वीरेंद्र सिंह, समग्र ग्राम विकास संगठन मंत्री (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) ने “राष्ट्र निर्माण में सज्जन शक्ति की भूमिका” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था देश और समाज के हित में कार्य कर रही है, उसके साथ सज्जन शक्ति को खड़ा होना चाहिए। राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का दायित्व नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देने से सामाजिक विकृतियाँ समाप्त नहीं होतीं, जब तक समाज स्वयं उनके निवारण के लिए आगे नहीं आता। जैन समाज से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित के कार्यों में उनकी भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज अमेरिका जैसा देश भारत को टैरिफ की धमकी दे रहा है। इसका समाधान स्वदेशी की भावना को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ना है। भारत को भारतीयता के आधार पर विकसित करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपनी माता को किसी भी परिस्थिति में नहीं बदलते और उससे प्रेम करते हैं, वैसे ही हमें अपने देश, संस्कृति, सभ्यता और देश में निर्मित वस्तुओं के प्रति मातृवत प्रेम रखना चाहिए। तभी भारत विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित हो सकेगा। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को लेकर पूछे गए प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ये माध्यम स्वयं में खतरा नहीं हैं, बल्कि उनका उपयोग किस प्रकार किया जाता है, यह हम पर निर्भर करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्रद्धा सिंह ने की। इस अवसर पर विभाग संघ चालक सौम्य अग्रवाल, नगर संघ चालक देव प्रकाश, विभाग कार्यवाह अमित, जिला प्रचारक जितेंद्र, जिला कार्यवाह किरीट मणि, डॉ. शरद सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’, सर्वेश सिंह, पम्मी पांडे, संजय यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




