भारतःनेपाल मैत्री महोत्सव में झलकी साझा संस्कृति की समृद्ध विरासत

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर।जनपद बलरामपुर के थारू संग्रहालय, इमलिया कोडर में भारतदृनेपाल मैत्री महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गैसड़ी विधानसभा के पूर्व विधायक शैलेश कुमार शैलू ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर महाउत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक संबंधों को अटूट बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच की मित्रता सदियों पुरानी है, जिसे इस प्रकार के आयोजन और मजबूत बनाते हैं।कार्यक्रम की शुरुआत शोभायात्रा से हुई, जिसमें स्थानीय लोगों, कलाकारों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा।महोत्सव में लोकगायन, भजन एवं पारंपरिक लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भारतदृनेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत का जीवंत अनुभव कराया। कार्यक्रम में पारिजात त्रिपाठी, आचार्य ऋषि राज पाण्डेय, बुसरा फातिमा, सुनीता जायसवाल, संजय गिरी, तारा चौधरी, सरोज श्रीवास्तव, शेकाली पाण्डेय, प्रिया शुक्ला, उमाशंकर सेन, स्वाती निरखी तथा उर्मिला श्रीवास्तव सहित अनेक कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की भाषा, वेशभूषा, खान-पान और परंपराएँ दोनों देशों की सांस्कृतिक एकता का प्रमाण हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक सद्भाव, पर्यटन विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।महोत्सव स्थल पर पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला और सांस्कृतिक प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जहाँ लोगों ने थारू समाज की समृद्ध परंपराओं को करीब से जाना। कार्यक्रम में रामकृपाल शुक्ला, रामसरन गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनोहर लाल थारु, मंगल थारु, सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही।



