58 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी, मौके पर मिले सिर्फ 24: सरकारी धन की बंदरबांट का आरोप

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। विकास खंड पचपेड़वा की ग्राम पंचायत भैंसहवा में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां 6 मास्टर रोल पर 58 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गई, लेकिन जब वास्तविक स्थिति देखी गई तो कार्यस्थल पर मात्र 24 मजदूर ही काम करते मिले। इस खुलासे से योजना की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन निकालने का खेल लंबे समय से चल रहा है। पोर्टल पर दर्ज संख्या और जमीन पर मौजूद मजदूरों के बीच भारी अंतर यह संकेत देता है कि कागजों में मजदूर बढ़ाकर भुगतान निकालने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ऐसे नाम दर्ज हैं जो कभी काम पर दिखाई ही नहीं देते, वास्तविक मजदूरों को पूरा लाभ मिलने पर भी संशय बना रहता है, मास्टर रोल तैयार करने से लेकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने तक पूरे सिस्टम में लापरवाही या मिलीभगत की आशंका है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, भुगतान का सत्यापन और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो मनरेगा जैसी गरीबों की योजना का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। यह मामला सामने आने के बाद अब जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। लोगों की नजर अब प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आखिर कागजों में काम करने वाले “ मजदूरों” की सच्चाई कब सामने आएगी।



