लेखपाल अमित कुमार पांडेय रिश्वत के आरोप में निलंबित

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। गुरुवार को इमरान पुत्र स्व० हबीबुलहक निवासी उदयपुर ब्लाक जोगिया तहसील नौगढ़ के ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुये आरोप लगाया कि अमित कुमार पाण्डेय लेखपाल ने पट्टा कराये जाने के लिए अधिकारी के नाम पर 50000/रूपया की मांग की गयी एवं यह कहा गया कि तुम्हे पटटा प्रमाण पत्र भी दिला दूगां इमरान ने यह भी लिखित दिया गया है कि दिनांक 21 फरवरी 2025 को इनसे 3000/रूपये मोबाइल से ट्रांसफर कराया गया तथा 31000/रूपये पवन मिश्रा, राहुल मिश्रा व कौसर अजीम के सामने आपके द्वारा नकद लिया गया। जिलाधिकारी ने आरोप को देखते हुए जब जांच कराई तो पता चला कि शिकायती पत्र सही है जिसको लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि इमरान द्वारा यह भी बताया गया कि बार-बार कहने के बावजूद अभी तक न तो पट्टा कराया गया और न ही आपके द्वारा पैसे ही वापस किये गये आप का यह कृत्य उ०प्र० कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के विपरीत है। अतः उपरोक्त के क्रम में अमित कुमार पाण्डेय लेखपाल को उ०प्र० सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम-4 (1) के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए कार्यालय रजिस्ट्रार कानूनगों तहसील नौगढ़ से सम्बद्ध किया जाता है। 1- निलम्बन अवधि में अपचारी कर्मचारी श्री अमित कुमार पाण्डेय लेखपाल तहसील नौगढ़ को वित्तीय नियम संग्रह खण्ड-2 से 4 के मूल नियम-53 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्धवेतन पर देय धनराशि के बराबर देय होगी तथा इन्हे जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि पर महंगाई भत्ता आदि जो ऐसे अवकाश वेतन पर देय है, भी अनुमन्य होगा। किन्तु ऐसे अपचारी कर्मचारी को जीवन निर्वाह भत्ते के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नही होगा जिन्हे निलम्बन के पूर्व या प्राप्त वेतन के साथ महंगाई भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपान्तिक समायोजन प्राप्त नही था। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होगा जब इनका समाधान हो जाय कि इनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है। उपरोक्त मदो का भुगतान तभी किया जायेगा जब श्री अमित कुमार पाण्डेय लेखपाल इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें, कि वह किसी अन्य सेवा योजन, व्यापार वृत्ति, व्यवसाय में नहीं लगे हैं। 2- प्रश्नगत प्रकरण में नायब तहसीलदार सदर को जाँच अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देशित किया जाता है कि अपचारी कर्मचारी के विरूद्ध आरोप पत्र तैयार कर 15 दिवस के अन्दर निर्गत कराना सुनिश्चित करें। उक्त आशय की जानकारी उप जिलाधिकारी नौगढ़ द्वारा दिया गया है।




