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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

उतरौला की छात्राओं को मिला सुरक्षित व सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर। जनपद बलरामपुर में बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक सराहनीय एवं दूरदर्शी पहल के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, उतरौला की छात्राओं के हित में दो महत्वपूर्ण कार्य किए गए, जिससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को नया संबल मिला है।जर्जर भवन से सुरक्षित कक्षाओं तक का सफर-राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, उतरौला का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय में कक्षाओं का संचालन कभी अलग-अलग समय पर तो कभी संयुक्त रूप से सीमित सुरक्षित स्थानों में किया जा रहा था, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा था।डीएम का निरीक्षण और समाधान की पहल-जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि विद्यालय से सटा हुआ राजकीय मल्टीपरपज सीड्स स्टोर भवन, जो कि लंबे समय से निष्क्रिय एवं अनुपयोगी पड़ा था, यदि विद्यालय को उपलब्ध कराया जाए तो छात्राओं को एक सुरक्षित व स्थायी समाधान मिल सकता है।शासन स्तर से समन्वय और स्वीकृति-जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त निष्क्रिय राजकीय मल्टीपरपज सीड्स स्टोर भवन को विद्यालय को हस्तांतरित करने हेतु शासन स्तर पर पत्राचार किया गया, जिस पर शासन से सहमति प्राप्त हुई। इसके उपरांत भवन की आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य कराए गए।विद्यालय को मिला नया शैक्षणिक भवन-मरम्मत पूर्ण होने के बाद यह भवन राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, उतरौला को विधिवत हस्तांतरित कर दिया गया। वर्तमान में इस भवन में विद्यालय की कक्षाएं सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। इस पहल से एक ओर जहाँ छात्राओं को बेहतर, सुरक्षित एवं स्थायी शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अनुपयोगी पड़े सरकारी भवन का सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया गया। साथ ही, भवन उपलब्ध होने से छात्राओं को शिक्षण कार्य के लिए अन्यत्र दूर स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जिससे समय, संसाधन और सुरक्षाकृतीनों की बचत हुई।शिक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता-यह पहल न केवल बालिकाओं की शिक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि उचित निर्णय, समन्वय और इच्छाशक्ति से संसाधनों का सर्वाेत्तम उपयोग संभव है।

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