लोकतन्त्र सेनानी डरे नहीं, झुके नहीं, बिके नहीं – विधायक विनय वर्मा

शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 25 जून को ष्काला दिवसष् के रूप में घोषित किया, जिसके उपलक्ष्य में आज तहसील सभागार शोहरतगढ़़ में मुख्य अतिथि विधायक शोहरतगढ़़ विनय वर्मा की उपस्थिति सहित उपजिलाधिकारी राहुल सिंह, तहसीलदार अजय कुमार, बीडीओ सुरेश मौर्या, बीईओ संजय कुमार, नायाब तहसीलदार महबूब अंसारी द्वारा आयोजित ष्आपातकाल के 50 वर्षष् कार्यक्रम में सम्मिलित हुआ। उस कार्यक्रम में विधायक ने कहा कि वैसे शहीद और सेनानियों को सम्मान किया गया, जो कांग्रेस की तानाशाही आपातकाल (1975-77) के दौरान जेलों में ठूंसे गये, जिन्हें बोलने की आजादी छीन ली गई। वहीं उनके परिवारों को रोटी और इंसाफ दोनों को तरसे, लेकिन फिर भी वे डरे नहीं, झुके नहीं, बिके नहीं। जिसको लेकर कार्यक्रम में उन लोकतन्त्र सेनानियों को अंगवस्त्र देकर नमन किया, जिनके साहस, संघर्ष और बलिदान से भारत का संविधान फिर से जीवन्त हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय कांग्रेस के आपातकाल में जो सेनानी शहीद हो गये। उनके बच्चों का स्कूल बैग, कॉपी-किताबें वितरित कर यह सन्देश दिया कि हम न सिर्फ अतीत को याद कर रहे हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को भी लोकतन्त्र की कीमत सिखा रहे हैं। वहीं कार्यक्रम के उपरान्त तहसील परिसर में ही उन सेनानियों के याद में विधायक विनय वर्मा सहित उपजिलाधिकारी राहुल सिंह, तहसीलदार अजय कुमार, बीडीओ शोहरतगढ़़ सुरेश मौर्या, बीईओ शोहरतगढ़़ संजय कुमार, नायाब तहसीलदार महबूब अंसारी एवं समस्त स्टाफ के साथ वृक्षारोपण किया। वहीं यह वृक्षारोपण कर यह संकल्प लिया कि जैसे एक पौधा छांव देता है, वैसे ही लोकतंत्र की छांव को भी हम आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाएंगे। इस दौरान सम्मानित लोकतन्त्र सेनानियों में हंसराज पुत्र राम प्रसाद, मोहम्मद युसुफ पुत्र हसनू, परशुराम पुत्र तुलसीराम, राधेश्याम गुप्ता पुत्र अछैवर राम, जयसिंह पुत्र सहदेव सिंह, रामचन्द्र मित्तल पुत्र स्वर्गीय बृजलाल मित्तल, घुरहू पुत्र राम आसरे, प्रेमचन्द पुत्र कोदई, रामजी तिवारी पुत्र लालमन, श्रीमती संता पत्नी स्व0 त्रिभुवन, श्रीमती मंजूभीरी पत्नी स्व0 रामकरन गिरी, श्रीमती गीता पत्नी स्व0 लालता प्रसाद चतुर्वेदी, श्रीमती कलपा देवी पत्नी केशव प्रसाद निषाद, राजदेव यादव पुत्र सुन्दर लाल, विजय कुमार परशुरामका पुत्र स्व0 लक्ष्मी नारायण, श्रीमती दुर्गेश सिंह पत्नी स्व0 सुरेन्द्र सिंह और श्रीमती सुशीला देवी पत्नी स्व0 चतुर्भुजी तिवारी मौजूद रहें। वहीं इन सभी महान आत्माओं को आज के लोकतांत्रिक भारत की ओर से विनम्र नमन किया।




