दक्षिण एशिया में लोकतंत्र की समस्या समाधान पर होगा बौद्धिक विमर्श

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। भारतीय वैश्विक परिषद के सहयोग से बुद्ध विद्या पीठ पी जी कॉलेज, सिद्धार्थ नगर के राजनीति विज्ञान विभाग के द्वारा एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजक प्रोफेसर शक्ति जायसवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम चंद्रावती नर्सिंग कॉलेज , गोरखपुर रोड, सिद्धार्थ नगर पर आयोजित होगा। जिसमें दिनांक 30 जनवरी , प्रातः 11ः00 बजे उद्घाटन सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रवि रमेश चंद शुक्ला मुख्य वक्ता रहेंगे। इसके साथ ही विदेश मामलों के जानकारी रक्षा विशेषज्ञ डॉ संजीव श्रीवास्तव, कमर आगा (बीबीसी), एवं भारतीय वैश्विक परिषद के शोध अध्येता डॉक्टर पुनीत गौड़ के बौद्धिक वक्तव्य प्राप्त होंगे । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान सुरजीत जी भाई साहब रहेंगे। दिनांक 31 जनवरी, दिन शनिवार को समापन सत्र में अपराह्न 2ः30 बजे भारत के पूर्व राजदूत जीके त्रिपाठी, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के रक्षा एवं स्ट्रैटेजिक विभाग के प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा, प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह, के साथ ही प्रोफेसर हरि शरण पूर्व प्रति कुलपति गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी अपना वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। प्रोफेसर शक्ति जायसवाल ने बताया की उक्त राष्ट्रीय संगोष्ठी में दक्षिण एशिया के देशों विशेषकर बांग्लादेश ,पाकिस्तान ,नेपाल और अफगानिस्तान में मौजूदा राजनीतिक शासन व्यवस्था में लोकतंत्र पर आने वाले चुनौती एवं संकट पर बौद्धिक विमर्श किया जाएगा। गौरतलब है कि आज तक पाकिस्तान में किसी भी लोकतांत्रिक सरकार ने 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया है। वर्ष 2025 में नेपाल में जेन-जी आंदोलन और बांग्लादेश में शेख हसीना के बाद का संक्रमण कालीन दौर पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के लिए एक चुनौती का वातावरण बनाया हुआ है।




