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उत्तर प्रदेशबलरामपुर

प्रभु श्री राम को गाली देने वालों कि गर्मी जल्द हो जाएगी ठंड- डॉ धीरेंद्र प्रताप सिंह

दैनिक बुद्ध का संदेश
बलरामपुर ।जनपद बलरामपुर के गैसड़ी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े एक वायरल वीडियो ने जिले की सियासत और सामाजिक माहौल में हलचल मचा दी है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए आदर्श नगर पालिका परिषद बलरामपुर के अध्यक्ष डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ ने सिसवा ग्राम प्रधान मोहम्मद आमिर के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को औपचारिक पत्र भेजकर तत्काल कानूनी कार्यवाही की मांग की है।नगर पालिका अध्यक्ष ने लाइव आकर कहा है कि वायरल वीडियो में एक हिंदू युवक द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जयघोष किए जाने पर, एक सरकारी कार्यालय में बैठकर ग्राम प्रधान मोहम्मद आमिर द्वारा लगातार मां-बहन की अशोभनीय गालियां दी गईं और सनातन धर्म का खुलेआम अपमान किया गया उन्होंने कहा है कि प्रभु श्री राम हमारे आराध्य है उनका अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने इसे निंदनीय, अस्वीकार्य और समाज को तोड़ने वाला कृत्य बताया। डॉ.धीरेंद्र प्रताप सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान द्वारा महतो (कुर्मी) समाज और यादव समाज के लोगों के प्रति भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया तथा दुर्गा पूजा जैसे पावन पर्व को रोकने का षड्यंत्र रचा गया, जो सीधे-सीधे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास है और गंभीर आपराधिक श्रेणी में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि छद्म सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में मोहम्मद आमिर द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं व समर्थकों को लगातार प्रताड़ित किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है। साथ ही जिस सरकारी कार्यालय में बैठकर इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया, वहां मौजूद संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सनातन धर्म का अपमान करने और समाज में वैमनस्य फैलाने वालों को बख्शने वाली नहीं है। ऐसे तत्वों की “गर्मी निश्चित रूप से शांत की जाएगी।”अंत में उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि मामले की तत्काल, निष्पक्ष और सख्त जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं और सामाजिक एकता से खिलवाड़ करने का दुस्साहस न कर सके।

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