**राजनीति में नारी सम्मान सर्वोपरि, अभद्र टिप्पणी करने वाले नेताओं को तुरंत पार्टी से निकालें: डॉ. प्रीतम शुक्ला**

दैनिक बुद्ध का सन्देश
बहराइच।
राजनीति में गिरते संवाद के स्तर और महिलाओं पर होने वाली अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रीतम शुक्ला ने सभी राजनीतिक दलों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि राजनीति में कोई भी पार्टी ‘दूध की धुली’ नहीं है। हर दल में कुछ ऐसे नेता मौजूद हैं जो आए दिन दूसरों की बहन-बेटियों पर भद्दी और ओछी टिप्पणियां कर रहे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
डॉ. शुक्ला ने किसी एक दल विशेष पर निशाना साधने के बजाय देश के सभी राजनीतिक दलों और उनके राष्ट्रीय अध्यक्षों से इस गंभीर विषय पर तुरंत कड़ा रुख अपनाने की अपील की है। उन्होंने राजनीतिक शुचिता और नारी सम्मान को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं:
* **तत्काल निष्कासन की मांग:** जो भी नेता किसी की भी बहन-बेटी के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करे, उसे बिना किसी देरी के तुरंत पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाए।
* **ओछी राजनीति पर लगे लगाम:** राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन अपनी सियासत चमकाने के लिए किसी के घर की महिलाओं को राजनीति का अखाड़ा बनाना बंद होना चाहिए।
* **सम्मान का एक पैमाना:** बहन-बेटी चाहे किसी आम नागरिक की हो या किसी रसूखदार बड़े नेता की, समाज और राजनीति में सबका सम्मान एक समान होना चाहिए।
“अगर आज हम इस गिरती मानसिकता पर चुप रहे, तो कल यह कीचड़ किसी के भी घर तक पहुँच सकता है। सभी दलों को इस ओछी मानसिकता से ऊपर उठकर नारी शक्ति का वास्तविक सम्मान करना होगा।” — **डॉ. प्रीतम शुक्ला, जिलाध्यक्ष (युवा मोर्चा), बहराइच**
डॉ. प्रीतम शुक्ला के इस बेबाक बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति को साफ-सुथरा बनाने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी तय करनी होगी, ताकि भविष्य में कोई भी नेता किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुँचाने की हिम्मत न कर सके।




