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उत्तर प्रदेशगोंडा

राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में डीएम ने की समीक्षा बैठक

गोन्डा। गोन्डा के कलेक्ट्रेट सभागार में श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक का उद्देश्य डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करना तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।डीएम श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि डिजिटल क्रॉप सर्वे शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका सीधा लाभ किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं,फसल बीमा, मुआवजा एवं सहायता कार्यक्रमों में प्राप्त होता है। इसलिए सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समय से सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए।डीएम ने कहा कि डिजिटल माध्यम से किए जा रहे फसल सर्वे से भूमि उपयोग एवं फसल पैटर्न की सटीक जानकारी उपलब्ध होती है,जिससे नीति निर्धारण एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आती है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सर्वे के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों द्वारा सही एवं अद्यतन डेटा अपलोड किया जाए।मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने पर जोर दिया।मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश ने राजस्व एवं कृषि विभाग के बीच समन्वय की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के सफल क्रियान्वयन के लिए टीम वर्क अत्यंत आवश्यक है।बैठक में समस्त उपजिलाधिकारीगण,जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत अधिकारी लालजी दुबे तथा उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने सर्वे कार्य में आ रही समस्याओं से भी जिलाधिकारी को अवगत कराया, जिनके समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा ग्राम स्तर तक सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा कि समय से शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है,जिससे किसानों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

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