कोहरे के मौसम में सतर्कता, ब्लैक स्पॉट्स और स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर हुई बैठक

गोन्डा। गोण्डा/देवीपाटन मण्डल के अपर आयुक्त प्रशासन कमलेश चन्द्र ने मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को और अधिक प्रभावी बनाना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करना रहा।अपर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक विभाग को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।अपर आयुक्त ने कहा कि कोहरे में दृश्यता कम हो जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए बड़े वाहनों में रिफ्लेक्टर टेप लगवाना अनिवार्य किया जाए। साथ ही सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक अथवा अन्य भारी वाहन खड़ा करने पर रोक लगाने तथा उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।ब्लैक स्पॉट्स पर चर्चा करते हुए अपर आयुक्त ने कहा कि जिन स्थानों पर तीन या उससे अधिक मौतों वाली दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, उनका गहन अध्ययन कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। सड़क संकेतक, पर्याप्त रोशनी, गति सीमा निर्धारण तथा सड़क संरचना से जुड़ी कमियों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए अपर आयुक्त ने सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें आयोजित हों, ताकि बच्चों के आवागमन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न रहे।अपर आयुक्त ने एआरएम रोडवेज को निर्देशित किया कि सभी बस चालकों का नियमित नेत्र परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से रात्रि में बस संचालन के दौरान चालकों की दृष्टि सही होना अत्यंत आवश्यक है।नियमित नेत्र परीक्षण से सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में कमी लाई जा सकती है।अपर आयुक्त ने परिवहन एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि ओवरस्पीडिंग,ओवरलोडिंग तथा नशे की हालत में वाहन चलाने जैसे मामलों में कठोर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ‘राह वीर योजना’ के प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराना सामाजिक दायित्व है और आमजन को इसके लिए जागरूक किया जाए।सड़क किनारे उगी झाड़ियों को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने कहा कि झाड़ियों के कारण दृश्यता बाधित होती है,जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को इस संबंध में नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।बैठक में गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष नवंबर माह तक सड़क दुर्घटनाओं में 10 प्रतिशत,मृतकों की संख्या में 6 प्रतिशत तथा घायलों की संख्या में 18 प्रतिशत की वृद्धि पर अपर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई और सभी विभागों को समन्वित प्रयासों के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।




