केवटलिया गांव में गंदगी, सफाई कर्मियों का पता नहीं

जोगिया। जोगिया ब्लॉक केरूसाफ सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई थी लेकिन अफसरों की अरुचि के चलते सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। गांवों में तैनात किए गए सफाई कर्मियों की निगरानी की जिम्मेदारी बीडीओ और एडीओ पंचायत की है। एडीओ गांवों में झांकने नहीं जाते और सफाई कर्मी घर बैठे ही ड्यूटी पूरी कर लेते हैं। नियमित सफाई न होने से गांव की गलियों व कस्बों की सड़कों पर गंदगी का अंबार है। हकीकत देखनी हो तो ग्राम पंचायत के केवटलिया गांव आइए। जोगिया ब्लाक कुछ दूरी पर है लेकिन सफाई कर्मी गायब रहते हैं। नतीजतन गांव में जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। स्थानीय निवासी रिंकू साहनी , बताते हैं कि सफाईकर्मियों की मनमानी के चलते कस्बे में महामारी फैलने का आशंका बना रहता है व जगह-जगह कूड़े-कचरे का ढेर लगा है और जिम्मेदार चुप्पी साध कर बैठे हैं। और वही विकासखंड जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत केवटलिया,समेत दर्जनों ऐसे गांव हैं,जहां सफाईकर्मी जाते ही नहीं है। इन गांवों में परिषदीय विद्यालय भी हैं। कई विद्यालय के प्रधानाध्यापक स्वयं के खर्च पर मजदूर लगा कर विद्यालय परिसर की सफाई कराते हैं। एडीओ पंचायत प्रदीप सिंह का कहना है कि सफाई कर्मियों के कार्य की निगरानी का दायित्व संबंधित ग्राम प्रधान का है। प्रधान को न आने वाले सफाई कर्मियों के बारे में रिपोर्ट देनी चाहिए। किसी ने अब तक इसकी शिकायत उनसे नहीं की है। और इस मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई किया जाएगा।




