विश्राम सदन के शिलापट्ट में सदर विधायक का नाम नहीं, उद्घाटन से पूर्व ही वापस लौटे
कभी विपक्षी नेता का भी लिखा जाता था, मैं तो भाजपा का हूं - विधायक श्यामधनी राही

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर के भाजपा विधायक श्यामधनी राही मेडिकल कॉलेज में 50 बेड के विश्राम सदन का बिना उद्घाटन किये लौट गये। उन्होंने कहा कि एक समय था जब क्षेत्र के विपक्ष के विधायक का नाम भी जिला अस्पताल के शिलापट्ट पर लिखा गया था। मैं तो सदर विधायक हूं। मेरा ही नाम नहीं लिखा है। अब यहां रुकने का क्या फायदा? ये कहकर विधायक गुस्से में लौट गये। दरअसल, गेट पर लगे होर्डिंग पर सांसद जगदम्बिका पाल का नाम मुख्य अतिथि और पावर ग्रिड के निदेशक आर0के0 त्यागी का नाम विशिष्ट अतिथि में रूप में लिखा था। लेकिन विधायक का नाम गायब था। आपको बता दें कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के तीमारदारों के लिए पावर ग्रिड कार्पाेरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने 50 बेड के विश्राम सदन का निर्माण कराया है। जिसकी लागत 3 करोड़ 80 लाख रुपए है। जिसका उद्घाटन रविवार दोपहर 1 बजे होना था। जिसमें सदर विधायक श्यामधनी राही को भी आमंत्रित किया गया था। आमंत्रण के बाद वो आज उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंच गये। वहां पहुंचते ही उनकी नजर गेट के बाहर लगी होर्डिंग पर पड़ी। जिसे देखते ही उनका पारा चढ़ गया। अनावरण से ठीक पहले सदर विधायक श्यामधनी राही ने अपना नाम न होने पर आपत्ति जताई और वहां से वापस जाने लगे। वहीं विधायक श्यामधनी राही ने जाते हुए कहा कि मैं लगातार दूसरी बार सदर विधायक हूं, लेकिन शिलापट्ट पर मेरा नाम नहीं डाला गया है। ऐसे में मैं इस कार्यक्रम में क्यों रुकूं? अब मैं यहां से दूसरे कार्यक्रम में जा रहा हूं। एक समय था, जब नीतीश कुमार रेल मंत्री हुआ करते थे। उस समय जिला अस्पताल का उद्घाटन हुआ था। उस समय यहां से विपक्ष के विधायक अनिल सिंह थे। क्षेत्र का विधायक होने के नाते उनका भी नाम शिलापट्ट पर लिखा गया था। मैं तो फिर भी सदर विधायक हूं। मेरा ही नाम शिलापट्ट से गायब है। आपको बता दें कि जिला अस्पताल का उद्घाटन 2004 में हुआ था। उस समय केन्द्र में एनडीए की सरकार थी। अटल जी प्रधानमंत्री थे, जबकि यूपी में सपा सरकार थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। यूपी में कांग्रेस विपक्ष में थी।




