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उत्तर प्रदेशबस्ती

श्री रामलीला में धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद के बाद श्रीराम सीता विवाह की धूम

बस्ती। सनातन धर्म संस्था बस्ती की ओर से सक्सेरिया इंटर कॉलेज के प्रांगण में श्रीराम लीला महोत्सव के तीसरे दिन जनक प्रतिज्ञा, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, राम जानकी विवाह और विदाई का मंचन हुआ। एसडीएस स्कूल खड़ौहा के बच्चों ने सीता स्वयंवर व धनुष भंग करने के दृश्य को प्रस्तुत किया। रावण वाणासुर संवाद अविस्मरणीय रहा। दूसरे भाग में यूनिक साइंस एकेडमी, बस्ती के बच्चों ने परशुराम लक्ष्मण संवाद, श्री सीताराम विवाह, कलेवा और विदाई तक की लीला सजीव मंचन किया।परशुराम लक्ष्मण संवाद, सुनैना जी की सीता जी को सीख और जनक जी का विदाई के समय करुण निवेदन सुन सबकी आँखों में आँसू आ गये। श्रीराम दरबार की आरती, श्री रामस्तुति से आरम्भ हुई श्रीराम लीला में लीला का मंचन जनक प्रतिज्ञा के दृश्य से शुरू होता है। इसी में धनुष यज्ञ का चित्रण किया गया। व्यास राजा बाबू पाण्डेय ने बताया कि शिव का धनुष जहाज है और राम का बल समुद्र है। धनुष टूटने से वह सारा समाज डूब गया, जो मोहवश इस जहाज पर चढ़े थे। दर्शक गण रंग बिरंगे फूल बरसा रहे थे। व्यास जी गीत गा रहे थे। सभी हर्षित नजर आ रहे थे। इस प्रसंग में जनक जी बताते हैं एक समय की बात है जब सीता जी, महल में रखे शिवजी के धनुष को एक पुष्प की भांति एक स्थान से दूसरे सथान पर रख देती हैं। जिसको देखकर राजा जनक यह प्रतिज्ञा लेते हैं कि जो कोई भी इस धनुष को तोड़ेगा, सीता का विवाह वह उससे करेंगे। जनक जी प्रतिज्ञा के अनुसार महल में धनुष यज्ञ का आयोजन करते हैं जहां पर तमाम सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आए राजा-महाराजा भाग लेते हैं और सभी धनुष को उठाने का प्रयास करते हैं लेकिन सब धनुष को तोड़ने के बजाए उठाने में ही अक्षम साबित होते हैं। उसी समय पाताल निवासी वाणासुर और लंकाधिपति रावण का आगमन होता है। जनक जी ने जब अपना दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह पृथ्वी वीरों से खाली है उसी समय लक्ष्मण जी ने क्रोधित होकर जनक जी को समझाया की श्री राम चन्द्र जी के होते ऐसे अनुचित वचन आपको नही कहना चाहिए। जनक और लक्ष्मण संवाद पर खूब तालियां बजीं, लोगों ने लक्ष्मण के संवाद को खूब सराहा। इस अवसर पर संजय उपाध्याय, सन्तोष श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, दुर्गेश श्रीवास्तव, जी.के. शुक्ल, योगेश शुक्ल, जिप्पी शुक्ल, प्रेम शंकर ओझा, सिद्धार्थ शंकर मिश्र, वीरेंद्र पांडेय, राम विलास शर्मा, इंजीनियर राजेश श्रीवास्तव, रमेश पाल सिंह,अनुराग शुक्ल, कर्नल के सी मिश्र, अखिलेश शुक्ल, कैलाश नाथ दूबे, अंकुर यादव सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।

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