एनसीसी संयुक्त वार्षिक शिविर: अपनी बुरी आदततों की सूची बनाएं और उसे छुटकारा पाने का प्रयास करें

सिद्धार्थनगर। रतन सेन डिग्री कॉलेज में आयोजित एन सी सी संयुक्त वार्षिक शिविर 166 के तीसरे दिन शुक्रवार को डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल विशाल सिंह ने व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण के बारे में विस्तार से चर्चा किया। उन्होंने बताया कि निर्णायक क्षमता ,प्रतिरूपण, प्रसन्न चितता, विश्वसनीयता , स्पष्टता ,दृढ़विश्वास , सकारात्मकता ,नेतृत्व कौशल, संवाद कौशल तथा शारीरिक क्षमता जैसे गुणों को अपने अंदर विकसित कर अपने चरित्र का निर्माण कर सकते हैं। आप हमेशा इमानदारी से अपने व्यक्तित्व एवं चरित्र के लक्षणों का विश्लेषण करें ,अपनी बुरी आदततों की सूची बनाएं और उसे छुटकारा पाने का प्रयास करें, सब की बातें विनम्रता से सुने चाहे वह आपको रुचकर लगे या ना लगे ,वार्तालाप के दौरान केवल अपने विषय में ही ना बोलते रहे ,आप हार होने पर भी मनोबल ऊंचा रखें और जीतने पर घमंड ना करें, सकारात्मक तरीकों से अपनी समस्याएं सुलझाएं ,गलत तरीके न अपनाएं ,सभी से अच्छे संबंध बनाए किसी से भी संबंधों को ना बिगाड़े ,सोच व कार्य शैली में स्वतंत्र किंतु ईमानदार रहें, अपने विचार एवं आचरण सकारात्मक रखें ,मानसिक रूप से दृढ़ रहे , सुनने समझने और स्मरण रखने की क्षमता का विकास करें ,सभी कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से करने की आदत बनाएं, शारीरिक अभ्यास व योगाभ्यास तथा खेल प्रतियोगिताओं में भाग ले, अपने घर व पास पड़ोस की छोटी बड़ी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करें। प्रकार से आप अपने व्यक्तित्व विकास के लिए उपयोगी उपाय कर सकते हैं। एसडीम बांसी ने मोटिवेशनल कक्ष ली। उन्होंने संवाद के माध्यम से कैडेटों को प्रेरित किया। बताया कि आप सर्वप्रथम अपना लक्ष्य निर्धारित करें,अच्छे विषय विशेषज्ञों से परामर्श करें और दृढ़ संकल्पित होकर क अपने लक्ष्य पर कठिन परिश्रम करें। इस प्रकार से आप कठिन से कठिन लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं। एनसीसी का उद्देश्य है कि देश के युवाओं में चरित्र, भाईचारे ,अनुशासन ,नेतृत्व, धर्मनिरपेक्षता के दृष्टिकोण, साहसिक अभियानों में रुचि ,खेल भावना और निस्वार्थ सेवा का भाव विकसित करना तथा संगठित प्रशिक्षित एवं प्रेरित युवाओं के एक मानव संसाधन का निर्माण करना जो जीवन के सभी क्षेत्रों में नेतृत्व प्रदान कर सके और हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहे। यह बातें मेजर राजेंद्र बौद्ध ने कहीं। इस अवसर पर समस्त एन सी सी अधिकारी एवं पी आई स्टाफ मौजूद रहे।




