अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने मांगी परिवार की सुख-समृद्धि, जयकारों से गूंजे छठ घाट

महराजगंज/सिसवा बाजार। लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार को पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नगर के श्रीराम जानकी मंदिर पोखरा और पोखरा टोला छठ घाट सहित ग्रामीण क्षेत्रों के 23 छठ घाटों पर आस्था का सागर उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजधजकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि व आरोग्य की कामना की। शाम 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ घाटों की ओर उमड़ने लगी थी। हाथों में पूजन की डलिया, फलों और ठेकुआ प्रसाद से सजी टोकरी लेकर महिलाएं परिवार सहित छठ घाटों पर पहुंचीं। सूर्यास्त के समय जब व्रती महिलाएं जल में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर रहीं थीं, तो दृश्य अत्यंत भावनात्मक और मनोहर हो उठा। पूरे वातावरण में ‘जय छठी मइया’ और ‘सूर्य देव की जय’ के जयकारे गूंज उठे। श्री रामजानकी मंदिर छठ घाट पर पूरी रात छठ माता की महिमा का गुड़गान जागरण के माध्यम से की जा रही है। नगरपालिका और प्रशासन की ओर से घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। जगह-जगह चिकित्सा व कोठीभार पुलिस टीमों की तैनाती रही ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। छठ घाट पर युवतियां सेल्फी लेते हुए देखी गयी। बच्चें खिलौनों की दुकानों पर भीड़ लगाए हुए थे। संध्या अर्घ्य के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को प्रसाद वितरित किया और मंगलकामनाएं दीं। बच्चों और बुजुर्गों में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। छठ महापर्व के अंतिम दिन सोमवार की सुबह व्रती महिलाएं उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने कठोर निर्जला उपवास का समापन करेंगी। इस अवसर पर घाटों पर श्रद्धालुओं की और भी अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है।




