हरे भरे प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान जारी, डिप्टी रेंजर शीतला प्रसाद यादव पर लगा गम्भीर आरोप

बहराइच। जनपद के तहसील कैसरगंज अंतर्गत विकासखंड जरवल के डिप्टी रेंजर शीतला प्रसाद यादव पर हरे-भरे प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध कटान में संलिप्त होने और पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बसहिया पातेपुर में एक हरा-भरा आम का पेड़ काटा जा रहा था। सूचना पर जब पत्रकारों की टीम मौके पर पहुंची, तो वहां डिप्टी रेंजर शीतला प्रसाद स्वयं मौजूद मिले। उनकी सरकारी गाड़ी मौके पर खड़ी थी, और आम का बोटा पिकअप वाहन पर लोड कराया जा रहा था। जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि प्रतिबंधित पेड़ की कटाई के दौरान वे स्वयं मौजूद क्यों हैं, तो उन्होंने ठेकेदार का पक्ष लेते हुए कहा कि “पेड़ सूखा हुआ था।” जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज में पेड़ पूरी तरह हरे पत्तों वाला दिखाई दे रहा है। पत्रकारों द्वारा सवाल पूछने पर डिप्टी रेंजर के ड्राइवर ने अभद्र व्यवहार करते हुए कहा, “तुम जैसे पत्रकारों को हम और हमारे साहब जेब में रखते हैं, तुम लोग चमचे हो।”इसी क्रम में धमसरी गांव में भी लकड़ी ठेकेदार जमाल और इस्लामुद्दीन द्वारा एक नीम का हरा पेड़ काटा गया था। इस संबंध में डिप्टी रेंजर शीतला प्रसाद को सूचना दी गई, परंतु उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्रकारों के पास नीम के पेड़ की कटाई और लोडिंग का वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डिप्टी रेंजर शीतला प्रसाद द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लकड़ी ठेकेदारों को संरक्षण दिया जा रहा है। सरकारी वेतन लेने के बावजूद, वे जनता के हित के बजाय निजी ठेकेदारों के हित में कार्य कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र के पत्रकारों में रोष व्याप्त है। पत्रकार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जिला प्रशासन और डीएफओ स्तर से जांच व कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला अधिकारी एवं डीएफओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।




