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उत्तर प्रदेशबलरामपुर

मदरसा जामिया अहले सुन्नत फखरुल उलूम में भ्रष्टाचार और प्रबंधन विवाद पर बड़ी कार्रवाई

बलरामपुर। जनपद के राज्यानुदानित मदरसा जामिया अहले सुन्नत फखरुल उलूम में लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार और प्रबंधन विवाद को लेकर मदरसा शिक्षा परिषद लखनऊ ने सख्त कार्रवाई की है। परिषद की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बलरामपुर को निर्देश दिया है कि मदरसे के कार्यवाहक प्रधानाचार्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए,साथ ही मदरसे की मान्यता निलंबन हेतु पत्रावली शीघ्र परिषद कार्यालय को भेजी जाए।परिषद द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री सादिक अली ने शासनादेशों की अवहेलना की है तथा शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न की है। परिषद ने पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि मदरसे में कार्यरत शिक्षक अब्दुल वहाब को प्रधानाचार्य का चार्ज सौंपा जाए,किंतु आदेशों की अनदेखी की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए परिषद ने कानूनी कार्रवाई (थ्प्त्) के निर्देश जारी किए हैं। इससे पूर्व मदरसे में चल रहे विवाद को लेकर कई बार जांच और पत्राचार किए जा चुके हैं,लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। 25 सितंबर 2025 को मदरसा बोर्ड ने आदेश जारी कर वर्तमान कार्यवाहक प्रधानाचार्य को हटाने और अब्दुल वहाब खां को कार्यभार देने का निर्देश दिया था,लेकिन उसका पालन नहीं हुआ। इसके बाद 17 अक्टूबर को बोर्ड ने चार्ज दिलाने के साथ-साथ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए। उल्लेखनीय है कि मदरसे के संचालन और प्रबंधन को लेकर वर्ष 2018 से विवाद चल रहा है। यह मामला उच्च न्यायालय और आयुक्त गोंडा के समक्ष भी पहुंच चुका है। वर्ष 2023 में आयुक्त गोंडा ने निर्णय देते हुए वर्तमान प्रबंध समिति को भंग कर दिया था। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा केयरटेकर प्रणाली के तहत मदरसे का संचालन किया गया,जिसके खिलाफ कमेटी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। पूर्व रजिस्ट्रार मदरसा बोर्ड ने बाद में केयरटेकर व्यवस्था समाप्त कर दी। प्रधानाचार्य अब्दुल वहाब का कहना है कि मदरसा बोर्ड ने उन्हें पुनः बहाल कर दिया है,लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक चार्ज नहीं दिया गया है। वहीं,शिक्षक नेताओं ने इस पूरे प्रकरण में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिषद के आदेशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई में देरी की गई है। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि मदरसा शिक्षा परिषद का पत्र प्राप्त हो गया है और निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

 

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