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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

एआईएमआईएम सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम डीएम व एसपी को दिया ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम सिद्धार्थनगर के जिलाअध्यक्ष निशात अली की अध्यक्षता में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम प्रदेश में शासन-प्रशासन द्वारा मुस्लिम समाज पर हो रहे ज़ुल्मों-अत्याचार के सम्बन्ध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन एआईएमआईएम जिला अध्यक्ष निशात अली ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि भारत देश विश्व में सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक, संवैधानिक, पंथनिरपेक्ष, गणराज्य है, जहां समस्त नागरिकों को स्वतन्त्रतापूर्वक गौरवशाली, गरिमामय जीवन सम्मान के साथ जीने का मौलिक अधिकार है। किन्तु देश में 2014 से भाजपा की सरकार में आते ही देश मे धार्मिक उन्माद फैलाने के साथ, देश के नागरिकों के बीच आपसी वैमनस्य की खाई को जन्म देकर नफरत का माहौल बनाया जा रहा है। जिसका जीवन्त व भयावय उदाहरण 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश राज्य में देखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश में बीते 8 वर्षाे मे लगातार धर्म के नाम पर उन्माद फैलाकर इस्लाम को मानने वालों पर कभी गौवंश हत्या के नाम पर, कभी दाढ़ी-टोपी के नाम पर, कभी धार्मिक त्योहारों के नाम पर, कभी मंदिर-मस्जिद तो कभी मकबरा, मदरसा के नाम पर, तो कभी लव-जिहाद के नाम पर, तथाकथित गौरक्षकों, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू सेना, आरएसएस एवं तमाम अघोषित हिन्दू संगठनों के द्वारा समय-समय पर धार्मिक नफरत फैलाने के लिए कही मॉबलिंचिंग हो रही है, तो कही प्रशासन द्वारा मासूम निर्दाेष नाबालिकों, महिलाओं, बुजुर्गाे, पर जुल्म अत्याचार किया जा रहा है। तो कही फर्जी एफआईआर बनाकर घरों से निर्दाेषों को खींचकर जबरदस्ती उनपर लाठियां से बेहरहमी से प्रहार कर पुलिस थाने मे लें जाकर शारीरिक प्रताड़ना की जा रही है। उत्तर प्रदेश मे ऐसा प्रतीत होता है कि न्याय का दूसरा नाम लाठी और बुलडोज़र हो गया है। भारत जैसे लोकतान्त्रिक संवैधनिक देश के लिए यह बहुत ही घातक है कि जहां न्यायपालिका का स्थान कार्यपालिका ने लेकर स्वयं को सर्वशक्तिमान बना लिया है। पिछले 8 वर्षाे से लगातार उत्तर प्रदेश मे कोई न कोई धार्मिक हिंसक घटनाएं होती चली आ रही हैं। जिसका ताज़ा उदहारण 26/09/2025 दिन शुक्रवार को बरेली मे देखने को मिला, जहां शासन के निर्देशानुसार प्रशासन ने हिंसा को रोकने के नाम पर इस्लाम को मानने वाले लोगों पर बर्बरतापूर्वक कार्यवाही कर लाठिया चलाई, जिसमें कई निर्दाेष मासूम नाबालिकों, महिलाओं, व बुजुर्गाे को गम्भीर चोटे आई। साथ ही जबरन घरों से खींचकर लोगों को निकला गया, जिन्हें थानों पर ले जाकर शारीरिक-प्रताड़ना दी गई। बरेली मे हिंसक घटना बाद 27/09/2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया बयान बहुत ही अमर्यादित, अशोभनीय, असंवैधानिक और निन्दनीय था जोकि मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा को धूमिल करता है। ऐसे बयानों का हमारी पार्टी घोर भत्सर्ना करती है। उत्तर प्रदेश में एक तरफ जहाँ धर्म के नाम पर इस्लाम को मानने वालों पर प्रशासन द्वारा हिंसा के नाम पर जुल्म-ज्यादती की जा रही है। वही दूसरी तरफ यह पाते है कि फत्तेपुर में भाजपा, बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद, हिन्दू-सेना, आरएसएस एवं तमाम हिन्दू संगठनों द्वारा जो सुनियोजित हिंसा पुलिस प्रशासन के संरक्षण में हुई, आगरा में करणीसेना ने वर्तमान सांसद के घर का घेराव किया, खुलेआम तलवारे और शास्त्र लहराए, तमाम तथाकथित धार्मिक गुरुओं द्वारा खुलेआम मंचों से धर्मसंसद के माध्यम से मुस्लिमों को मारने-काटने देश से निकलने लोकतान्त्रिक सरकारों को उखाड़ फेकने जैसे नफरती बयानबाजी कर प्रदेश में माहौल खराब कर रहे है, जिन पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। ऐसा साफ परिलक्षित होता है की शासन-प्रशासन ऐसे नफरती लोगों को संरक्षण देने का कार्य कर रहा है, जिससे प्रदेश सरकारी की मंशा और कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है? ऐसा गैर-कानूनी कार्रवाहियों से पूर्ण प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश में लोकतान्त्रिक संवैधानिक सरकार नहीं धर्म-विशेष की सरकार चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के नीति-नियम धार्मिक-उन्माद, अराजकता को बढ़ावा देने और मुसलमानों के खिलाफ नफरत की मुहीम चलाने तक ही सीमित है। अतः महामहिम से अनुरोध है कि उत्तर प्रदेश सरकार के बीते 8 वर्षाे में धार्मिक उन्माद को बढ़ावा देने, प्रदेश के लोगों के बीच मे आपसी नफरत पैदा करने, उत्तर प्रदेश को कल्याणकारी राज्य से पुलिस राज्य की ओर लें जाने जैसे गम्भीर मामलों को मद्देनज़र रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को संविधान सम्मत कल्याणकारी सरकार चलाने का निर्देश पारित करने की कृपा करें। प्रदेश सरकार द्वारा निर्देशों का अनुपालन न होने पर हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की पुरज़ोर मांग करती है। जिला अधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन देने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ।प्डप्ड के कार्यकर्ताओ ने पुलिस अधिक्षक सिद्धार्थनगर अभिषेक महाजन को ज्ञापन दिया। जिले का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले 2 युवकों का मुस्लिम समुदाय के कलमा लिखे झण्डे का अपमान करने और उस पर पेशाब करने का वीडियो इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया पर वायरल होने के सम्बन्ध मे जो की शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के रोमनदेई गाँव के निवासी बताये जा रहे है, उस की जाँच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाही करने के लिए मांग की। इस अवसर पर नईम अख्तर अंसारी, मेराज चौधरी, आसिफ इक़बाल, इरफ़ान अहमद, इलियास खान, खान रिजवान, सरवर खान, शम्स तबरेज हाजी सिराजुद्दीन आदि लोग उपस्थित रहें।

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