क्षेत्राधिकारी मिहीपुरवा हर्षिता तिवारी का प्रयास लाया रंग
नाबालिक बच्चियों के साथ यौन शोषण करने वाले अपराधी को सुनाई गई उम्र कैद की सजा
दैनिक बुद्ध का सन्देश
बहराइच। इतिहास में पहली बार! उत्तर प्रदेश के बहराइच की धरती ने मात्र 22 कार्य दिवसों में एक जघन्य अपराध पर न सिर्फ पर्दाफाश होते देखा, बल्कि शैतान को उसके अंजाम तक पहुँचते भी देखा। नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण के आरोपी अविनाश पांडेय उर्फ सिंपल (30) को कोर्ट ने आजीवन कारावास और ₹1,60,000/- के कड़े जुर्माने की सज़ा सुनाकर पूरे सिस्टम की ताकत दिखा दी है।
वहशी दरिंदा, तीन दिन में सलाखों के पीछे
मामला 15 जून 2025 का है, जब 6 साल की मासूम बच्ची को खेलने के दौरान ही इस वहशी दरिंदे ने उठा लिया और उसकी मासूमियत को तार-तार कर दिया। यह अकेला मामला नहीं था; इलाके की कई नाबालिग लड़कियाँ कुछ समय के लिए रहस्यमय ढंग से गायब हुई थीं।
लेकिन इस बार, पुलिस ने जंग छेड़ दी।
महिला शक्ति ने किया खुलासा: सीओ हर्षिता तिवारी की दहाड़
एसपी बहराइच के निर्देश पर, सीओ मिहीपुरवा हर्षिता तिवारी ने कमान संभाली। यह महिला अधिकारी की संवेदनशीलता और तीखे दिमाग का कमाल था कि उन्होंने पीड़ित बच्चियों से दर्द भरी बातचीत के ज़रिए आरोपी का हुलिया जुटाया। सिर्फ तीन दिन के अंदर, अविनाश पांडेय सलाखों के पीछे था। उसके फोन से बरामद अश्लील तस्वीरों और वीडियो ने उसके गिरे हुए चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया।
न्यायालय का फैसला: ज़मीन हिला देने वाला इंसाफ़
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) दीपकांत मणि की अदालत ने फ़ैसला सुनाते हुए जरा भी नरमी नहीं बरती। धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत, दरिंदे को पूरे जीवन जेल की हवा खाने और ₹1 लाख जुर्माना भरने की सज़ा सुनाई गई। यह फैसला केवल एक सज़ा नहीं, बल्कि हर उस अपराधी के लिए मौत की घंटी है जो मासूमों को छूने की हिम्मत करता है।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ बना नज़ीर
एसपी बहराइच ने इस ‘वॉर फुटिंग’ पर काम करने वाली टीम, खासकर सीओ हर्षिता तिवारी को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा। यह कार्रवाई केवल एक केस नहीं है; यह उत्तर प्रदेश पुलिस की चेतावनी है कि अब इंसाफ़ के लिए बरसों इंतज़ार नहीं होगा।





