टीईटी की अनिवार्यता को हटाने की मांगकर उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को संगठन के जिला अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा व महामंत्री अवधेश कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्यता को हटाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री व जिला अधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय पर प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। संगठन के जिला अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी की अनिवार्यता सम्बन्धित निर्णय से प्रदेश के लाखों शिक्षक परेशान व दुःखी हैं। महामंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार अब जिन शिक्षकों के सेवाकाल 5 वर्ष से अधिक शेष हैं उन्हें टीईटी परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय को सुनकर प्रदेश के लाखों शिक्षक काफी दुखी हैं। शिक्षक मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट में टीईटी सम्बन्धित दायर याचिका के समय महाराष्ट्र व तमिलनाडु सरकार मुख्य पक्षधर थी, लेकिन देशव्यापी निर्णय पर प्रदेश के शिक्षक काफी कठिन दौर से गुजर रहे हैं और वह मानसिक तनाव में हैं। ऐसे निर्णय पर सरकार को विचार किये जाने की जरूरत है। जिला अध्यक्ष राधेश्याम वर्मा ने कहा कि लाखों लाख शिक्षकों के समस्याओं को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिये गये निर्णय के बाद सरकार नियम या अधिनियम में संशोधन कर प्रभावित शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की। ज्ञापन कार्यक्रम में अभय प्रताप सिंह, अभय पाण्डेय, अखिलेश मिश्रा, बालचन्द, शिवमंगल विश्वकर्मा, अतिउल्लाह, वीरेन्द्र बहादुर तिवारी, प्रकाश नाथ त्रिपाठी, महामंत्री यूटा हरिमोहन सिंह, सुशील सिंह, विनोद बजाज, कुलदीप भार्गव, रमेश चन्द, मनोज यादव, वीरेन्द्र बहादुर तिवारी, कुंवर प्रताप मल्ल आदि उपस्थित रहें।




