गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

बिना टेट वाले पुराने शिक्षकों के ही शिष्य हैं सभी अधिकारी और कर्मचारी

सिद्धार्थनगर। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई द्वारा प्रान्तीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) लागू होने से पहले के नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टेट की बाध्यता को समाप्त करने हेतु अधिनियम को संशोधित एवं सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिये गये फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार विजय कुमार श्रीवास्तव को दिया। धरने की सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि शासन द्वारा समय-समय हुई सभी शिक्षक की नियुक्ति में सभी शिक्षकों ने निर्धारित अहर्ताएं पूरी करके ही नियुक्ति पाई है, लेकिन आज एक संशोधित विधेयक से और सर्वाेच्च न्यायालय के हाल ही में दिये गये एक फैसले से लाखों पुराने शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़ा हो गया है। पुराने शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज करके टेट पास करने की बाध्यता से शिक्षकों में असुरक्षा एवं असन्तोष व्याप्त है और सभी शिक्षक नित नये नियम से भविष्य को लेकर अवसाद की स्थिति में हैं। इसलिए केन्द्र सरकार को चाहिए कि एक विधेयक लाकर टेट लागू होने के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी मुक्त सम्बन्धी संशोधित विधेयक लाकर तथा पुनर्विचार याचिका दाखिल कर उनके सम्मान और सेवा शर्तों की सुरक्षा करनी चाहिए। जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि आज जितने भी अधिकारी और कर्मचारी हैं, वह बिना टेट वाले शिक्षकों के ही शिष्य हैं। ऐसे में दशकों से सेवारत शिक्षकों के लिए उनके अनुभव जी नजरअंदाज करके टेट की बाध्यता पूर्णतया हास्यास्पद है। यदि वास्तव में देश को विश्व गुरु बनाना है, तो शिक्षकों की सेवा शर्तों को सुरक्षित रखने तथा शिक्षकों को स्वतंत्र होकर सिर्फ शिक्षण कार्य करने का मौका दिया जायें। जिला कोषाध्यक्ष मस्तराम चौधरी ने कहा कि आज हम पूरे प्रदेश के शिक्षक जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रहे हैं, यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम 13 से 26 सितंबर तक अपने-अपने सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देंगे, फिर भी हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम देश की राजधानी दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करके अपने मांगों को मानने हेतु सरकार को विवश करेंगे। धरना एवं प्रदर्शन तथा ज्ञापन के समय मुख्य रूप से अयोध्या प्रसाद, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, शहाब मजरूह, संजय कन्नौजिया, कृष्ण करुणाकर त्रिपाठी, जुबैर अहमद उस्मानी, लाल चन्द्र वरुण, राम सेवक, अब्दुल अजीज, वरुणेन्द्र राय, संजय आनन्द, रामसेवक, शत्रुंजय मिश्र, सुरेन्द्र नाथ पांडेय, धर्मेन्द्र सिंह, कुंवर कमलेश्वर सिंह, फौजिया नाज, तस्लीम जहां, नगमा बानो शारदा श्रीवास्तव, कृष्णा आर्या, शिल्पी चौधरी अनीता मिश्रा, कृष्ण करुणाकर त्रिपाठी महेश कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहें।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!