एसपीपीजी महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का प्रेरणादायक आयोजन

शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर। स्थानीय शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सोमवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की दोनों एनएसएस इकाईयां रानी लक्ष्मीबाई इकाई एवं स्वामी विवेकानन्द इकाई ने संयुक्त रूप से सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो0 अरविन्द कुमार सिंह ने की, जिन्होंने अपने सारगर्भित सम्बोधन में साक्षरता को सामाजिक परिवर्तन का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि “भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में साक्षरता केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और लोकतांत्रिक चेतना की नींव है। जब एक नागरिक साक्षर होता है, तो वह पूरे समाज को रोशन करने की क्षमता रखता है।” आज जब हम वैश्विक मंच पर शिक्षा को मानवाधिकार के रूप में देख रहे हैं, तब भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में साक्षरता सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की कुंजी है। उन्होंने भारत की ऐतिहासिक शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि “हमारे देश में तक्षशिला और नालन्दा जैसे विश्वविद्यालयों ने ज्ञान की लौ जलाकर विश्व को दिशा दी थी। आज उसी परम्परा को आगे बढ़ाते हुए हमें यह सुनिश्चित करना है कि समाज का कोई भी वर्ग शिक्षा से वंचित न रहे। जब एक व्यक्ति साक्षर होता है, तो वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक दीपक बनता है।” कार्यक्रम का उद्देश्य जन-जागरूकता और प्रेरणा देना रहा। प्राचार्य ने एनएसएस इकाईयों द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाना ही हमारी सच्ची सेवा है।” इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 ए0के0 सिंह एवं डॉ0 राम किशोर सिंह ने भी साक्षरता अभियान की दिशा में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों में डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, डॉ0 यू0एस0पी0 यादव, डॉ0 शशि शेखर, इन्द्रदेव वर्मा, डॉ0 अजय सिंह, राजू प्रजापति एवं रत्नेश सोनी की सक्रिय उपस्थिति रही। साथ ही छात्र-छात्राओं में जया, सबा, खुशी, शिवांगी, राजकमल आदि की सहभागिता उल्लेखनीय रही। सभी ने साक्षरता के महत्व को समझते हुए समाज में शिक्षा के प्रसार हेतु संकल्प लिया।




