घसियारीपुरा वार्ड मे गंदगी का फैला साम्राज्य, सफाई न होने से जनता गंदगी में रहने को हुई मजबूर
संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका हुई बरकरार
दैनिक बुद्ध का सन्देश
बहराइच। नगर पालिका प्रशासन नगर में घसियारीपुरा वार्ड की सफाई कराने मे पूरी तरीके से विफल हो रही है जिसका सबूत सिर्फ एक गली की ये फोटो दे रही है। आलम ये है कि गलियों मे नाली की सफाई हुए महीनों हो गए हैं, और नाली का गन्दा पानी सड़क पर आ गया हैं, नाली में कीड़े बज बजा रहे हैं और सड़कों पर कूड़ा का अम्बार पड़ा हुआ है। शायद जैसे कचरा गाड़ी को इस मोहल्ले में कूड़ा उठाने में तकलीफ है | वार्ड के दफेदार से कई बार मौखिक रूप से कहने के बाद भी उसके द्वारा कोरे आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है और सफाई नहीं हो रही है और “मोहल्ले वालों का कहना है कि समाजवादी पार्टी के कर्मठ सिपाही और निर्दलीय चुनाव जीतने वाले सभासद को फोन उठाने मे भी तकलीफ है, अपनी तकलीफ कहे किससे”। कुल मिलाकर घसियारीपुरा वार्ड के लोग गंदगी से त्रस्त हैं | ये जो फोटो है सिर्फ एक गली की है तो पूरे मोहल्ले और वार्ड में गंदगी का साम्राज्य कितना बड़ा होगा इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। नगर पालिका प्रशासन की सफाई को लेकर इस उदासीनता की वजह से बारिश के मौसम में वार्ड में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है,बच्चे बड़े बूढ़े सभी परेशान है | आश्चर्य की बात है कि इस मोहल्ले मे भाजपा के कई पदाधिकारियों का आवास है और ये उनका आम रास्ता है इसके अलावा समाजवादी पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता और वार्ड सभासद के वार्ड प्रतिनिधि सहित उनके सामाजवादी मित्रो का घर भी इसी गली के रास्ते में है, इसके बावजूद यह गंदगी और जलभराव है | सफाई निरीक्षक और सफाई कर्मचारी मोहल्ले वालों की परेशानियों को समझ और सुन रहे हैं तो एक बार ये भी समझा जा सकता है वर्तमान सरकार मे सरकारी कर्मचारी और अधिकारीगण के बल्ले बल्ले है, जनता सिर्फ नाम के लिए मालिक है, असल मालिक तो सरकारी अधिकारी और कर्मचारी है फिर चाहे वह सफाई कर्मचारी हो या किसी और विभाग के सरकारी अधिकारी और कर्मचारी, लेकिन क्या भाजपा और सपा के जो पदाधिकारी इस मोहल्ले मे रह रहे है उनकी भी सुनवाई नहीं है या फिर उन्हें मोहल्ले मे गंदगी दिखाई नहीं पड़ रही हैँ | आखिर इस गंदगी का जिम्मेदार कौन होगा और ये गंदगी कब साफ होगी यह है? यक्ष प्रश्न आज तक बना हुआ है।





