हमारा विद्यालय हमारा स्वाभिमान कार्यक्रम का हुआ आयोजन

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रव्यापी अभियान ’“हमारा विद्यालय – हमारा स्वाभिमान” के अंतर्गत आज सिद्धार्थनगर जनपद के लगभग 1500 विद्यालयों में पंच संकल्प कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं भव्यता के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 3000 शिक्षक, 1,00,000 छात्र-छात्राएँ, 750 जनप्रतिनिधि एवं 10 शिक्षाधिकारी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय को केवल शिक्षा का केन्द्र नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार, सेवा एवं राष्ट्र निर्माण का आधार बनाना है। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने विद्यालय को स्वच्छ, अनुशासित, हरित एवं प्रेरणादायी बनाए रखने, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा सामाजिक समरसता एवं सेवा भाव के वातावरण को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में प्रविष्टि हेतु आज आयोजित इस कार्यक्रम का संकल्प/शपथ पत्र प्रत्येक विद्यालय द्वारा गूगल फॉर्म पर अपलोड किया गया। संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया कि विद्यालय की गतिविधियों की दो स्पष्ट तस्वीरें, जिसमें विद्यालय का नाम प्रदर्शित हो, तत्काल अपलोड करें ताकि राष्ट्रव्यापी अभिलेख में उनका योगदान दर्ज हो सके। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ल, जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी, जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवपाल सिंह, उपाध्यक्ष जे. पी. गुप्ता, आनंद पांडेय, मंत्री अंजनी झा, जिला प्रवक्ता अरुण चतुर्वेदी, जिला सदस्यता प्रमुख विजय भास्कर, सोशल मीडिया प्रभारी नवनीत पांडेय, राहुल कुमार, राकेश पांडेय, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, लोकेंद्र कुमार, संजीव कुमार, संगीत शुक्ल, इमरान, आशीष पांडेय, अरुण भास्कर, अनुराग कुमार, प्रवीण मिश्र, रमेश जायसवाल, वाचस्पति चतुर्वेदी, राजेश कुमार, बबीता यादव, रीता चौधरी, अलका वर्मा, प्रतिभा त्रिपाठी, प्रार्थना मिश्र, ममता सक्सेना, सुषमा जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। विशेष रूप से कार्यक्रम के संयोजक मनोज त्रिपाठी, सह संयोजक रेणु मणि त्रिपाठी एवं सह संयोजक सुरेंद्र गुप्ता ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनपद सिद्धार्थनगर में आयोजित इस महाअभियान ने शिक्षा जगत में नई चेतना का संचार किया और यह कार्यक्रम आने वाले समय में गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित करेगा।




