महाराजगंज: सरकार की चेतावनी के बाद भी प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं सरकारी चिकित्सक

महाराजगंज। प्रदेश सरकार की चेतावनी के बाद भी महाराजगंज जनपद के नौतनवा क्षेत्र में तमाम सरकारी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस करने का काम कर रहे हैं, जबकि वह सरकार से एनपीए अर्थात प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का भत्ता जो मूलवेतन का 25ः अतिरिक्त भी ले रहे हैं उक्त के संबंध में संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करना शासनहित और जनहित में उपयुक्त होगा, यह कहना है भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य जितेंद्र जायसवाल का। जायसवाल ने इस संबंध में लिखित शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उ०प्र० शासन, जिलाधिकारी महाराजगंज एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी महाराजगंज को किया है।अपने लिखित शिकायत में जायसवाल ने फरेंदा क्षेत्र के बनकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर केंद्र अधीक्षक के रूप में तैनात डॉक्टर एमपी सोनकर वहां ड्यूटी करने के पश्चात 40 किलोमीटर दूर नौतनवा मेन रोड पर स्थित जिला परिषद की बिल्डिंग में प्रतिदिन 6रू00 बजे से रात्रि 10रू00 बजे तक प्राइवेट प्रैक्टिस करने का कार्य कर रहे हैं और सरकार की चेतावनी का माखौल उड़ा रहे हैं। इसी तरह जनपद के ही लक्ष्मीपुर सीएचसी पर तैनात डॉक्टर अंशु सिंह सप्ताह में 3 दिन सोमवार, बुद्धवार एवं शुक्रवार को नौतनवा के वार्ड नंबर एक, मेनरोड, एक्सिस बैंक के सामने किराए पर दुकान लेकर वर्षों से क्लीनिक खोलकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने का काम कर रहे हैं, इन्हें भी तीन चार बजे से लेकर काफी देर रात तक देखा जा सकता है। इसी क्रम में नौतनवा के सीएससी केंद्र पर तैनात चिकित्सक डॉक्टर अमित गौतम भी नौतनवा नगर के वार्ड नंबर 10, शास्त्री नगर मेनरोड पर स्थित जिला परिषद बिल्डिंग के सामने एक प्राइवेट पैथोलॉजी पर प्रतिदिन शाम 4.00 बजे से रात्रि मरीज आने तक खुलेआम प्राइवेट प्रैक्टिस करने का कार्य कर रहे हैं उपरोक्त के संबंध में भाजपा नेता ने शासन से आग्रह किया है कि 25ः धनराशि एनपीए के रूप में जो की हजारों में होती है लेने के बावजूद धड़ल्ले से प्राइवेट प्रैक्टिस कर शासन के आदेशों का खुलेआम माखौल उड़ाकर स्वास्थ्य विभाग की नियमावली के विरुद्ध आचरण करने के साथ ही सरकारी खजाने पर बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति करने का काम कर रहे हैं इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए गोपनीय निरीक्षण, जांच करवाते हुए सरकारी राजस्व क्षति की रिकवरी करने के साथ उचित कार्रवाई किया जाना जनहित और शासन हित में उपयुक्त होगा।




