सिद्धार्थनगर में बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा – सांसद जगदम्बिका पाल

सिद्धार्थनगर। सांसद जगदम्बिका पाल के प्रश्न पर सरकार का विस्तृत उत्तर ने सोमवार को संसद में एक तारांकित प्रश्न के माध्यम से सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा सहित बौद्ध सांस्कृतिक और विरासत स्थलों के विकास का मुद्दा उठाया। यह प्रश्न पर्यटन को बढ़ावा देने, बुनियादी ढाँचे के विकास और अन्तर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जुड़ा था। पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इसका उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा जैसे ऐतिहासिक स्थलों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता दिलाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गये हैं। पर्यटन आगमन आँकड़े में पिछले पाँच वर्षों (2020दृ2024) में सिद्धार्थनगर जिले में 15,92,176 घरेलू पर्यटक और 34,466 विदेशी पर्यटक आयें, जिसको लेकर कुल 16,26,642 आगंतुक आयें। वर्ष 2024 में 1,00,595 घरेलू और 17,546 विदेशी पर्यटक आयें। वहीं कनेक्टिविटी व बुनियादी ढाँच में लुम्बिनी (नेपाल) को सिद्धार्थनगर से एनएच-233 द्वारा जोड़ा गया। कुशीनगर अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से सीधे अन्तर्राष्ट्रीय तीर्थयात्रियों की पहुँच सम्भव हुई। बोधगया, वैशाली, राजगीर, नालन्दा जैसे प्रमुख बौद्ध स्थलों को राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क से जोड़ा गया। रेलवे द्वारा थीम-आधारित बौद्ध पर्यटन सर्किट ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो बोधगया, राजगीर, नालन्दा, सारनाथ, कुशीनगर, लुम्बिनी और श्रावस्ती को जोड़ती हैं। वहीं मुख्य परियोजनाएँ (सिद्धार्थनगर और आसपास) को लेकर स्वदेश दर्शन योजना (2016-17)रू श्रावस्ती, कुशीनगर और कपिलवस्तु विकास -₹87.89 करोड़ हैं। ै।ैब्प् योजना (2024-25)रू “इंटीग्रेटेड बौद्ध टूरिज़्म डेवलपमेंट इन श्रावस्ती”-₹80.24 करोड़ हैं। वहीं सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा में हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केन्द्र सरकार के समन्वित प्रयासों और संस्कृति मंत्री की सक्रिय पहल से पिपरहवा के पवित्र रत्न अवशेषों को हांगकांग में नीलामी से बचाया गया और सुरक्षित रूप से भारत लाया गया। यह समय पर उठाया गया कदम भारत की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा का उदाहरण है और विश्व समुदाय में हमारी प्रतिबद्धता का सन्देश दिया देता है। इससे सिद्धार्थनगर और पूरे बौद्ध सर्किट में पर्यटन, आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।




