बरसात से सूखती फसलों को मिली जान, उमस भरी गर्मी से भी मिली निजात

भनवापुर/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर के विकास क्षेत्र भनवापुर में सुबह से हो रही बरसात ने किसानों के चेहरे पर खुशी लौटा दी है। लोगों में उत्साह और खुशी दोनों एक साथ देखने को मिल रही है। पिछले कुछ समय से उमस भरी गर्मी और बरसात न होने से फसलें सूखती नजर आ रही थीं। खेतों में बड़े-बड़े दरारें पड़ गई थीं। गरीब परिवारों के पास खेतों में पानी भरने के लिए पैसे नहीं थे। किसान रामकरण ने बताया कि उन्होंने घर के सारे पैसे और मेहनत-मजदूरी करके खेत की रोपाई की थी। लेकिन बरसात न होने से फसलें सूखने लगी थीं। उनके पास खेत में पानी चलाने के पैसे नहीं थे, जिससे मायूसी के सिवा कुछ नजर नहीं आ रहा था। अब सुबह से हो रही बरसात से किसान परिवार खुशी के माहौल में हैं। उमस भरी गर्मी के कारण जो लोग घरों में थे, आज सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। कई मंदिरों और पण्डालों में अखण्ड रामायण पाठ और पूजा-अर्चना हो रही है। इस बार मानसून अच्छा न होने के कारण धान की फसल सही तरीके से नहीं लग पाई थी। जब से किसानों द्वारा धान की रोपाई की गई थी, तब से सही तरीके से बरसात नहीं हुई थी। कुछ लोगों ने खेतों में पानी चला दिया था, लेकिन गरीब तबके के लोगों की फसलें वैसे ही पड़ी थीं। शिवकरण ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी नवम्बर माह में रखी है। उनकी चिन्ता थी कि अगर धान पैदा नहीं होगा तो शादी की व्यवस्था कैसे करेंगे। लोगों के निवाले का आधार यही था। अब बरसात होने से लोगों की आशा की किरण जग गई है। उम्मीद है कि घर में निवाले की व्यवस्था हो जायेगी। पिछले कई वर्षों से बाढ़ की चपेट में धान की फसल नष्ट हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष उम्मीद है कि अगर अच्छी बरसात हुई तो पैदावार बढ़ेगी।




