समाजशास्त्र भी नवाचार की मुख्यधारा में दे सकता है योगदान

कपिलवस्तु/सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ0 प्रदीप कुमार पाण्डेय का ष्मैनेजिंग इन्नोवेशन एण्ड ट्रेडिशनल नॉलेजरू ए सोशियोलॉजिकल एनालिसिसष् शीर्षक पर पेटेन्ट प्रकाशित हुआ है। यह सामाजिक विज्ञानों के क्षेत्र में एक दुर्लभ उपलब्धि है। डॉ0 पाण्डेय द्वारा विकसित समाज शास्त्रीय मॉडल दर्शाता है कि पारम्परिक ज्ञान को आधुनिक नवाचार के साथ कैसे जोड़ा जा सकता है। यह मॉडल सांस्कृतिक विरासत और समुदाय के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा ष्सामान्यतः पेटेन्ट विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में देखे जाते हैं, समाजशास्त्र में यह उपलब्धि अत्यन्त गौरव की बात है।ष् डॉ0 पाण्डेय की यह सफलता विश्वविद्यालय की नवाचारशील सोच को दर्शाती है। विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी निदेशक प्रो0 सौरभ ने कहा कि यह निःसंदेह विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो यह साबित करती है कि समाजशास्त्र भी नवाचार की मुख्यधारा में सशक्त योगदान दे सकता है। कला संकायाध्यक्ष डॉ0 नीता यादव, जनसूचना अधिकारी डॉ0 अविनाश प्रताप सिंह और विभाग के अन्य प्राध्यापकों डॉ. शिवम शुक्ला, डॉ. अखिलेश दीक्षित, एवं डॉ. मोनिशा बाजपेयी ने भी इस उपलब्धि पर डॉ0 पाण्डेय को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस पेटेन्ट से समाजशास्त्रीय और शैक्षणिक जगत में नवाचार और बौद्धिक सम्पदा के क्षेत्र में नये आयाम खुलने की उम्मीद है।




