सुरक्षित भारतीय सीमाओं के 60 गौरवशाली वर्ष, सशस्त्र सीमा बल का वृक्षारोपण अभियान

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। सशस्त्र सीमा बल जो भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमाओं की सुरक्षा में 1963 से अपनी गौरवशाली 60 वर्ष की सेवा दे रहा है, ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में सशस्त्र सीमा बल की 50वीं वाहिनी बलरामपुर द्वारा शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को बढ़नी में एक विशाल वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत बढ़नी स्थित एसएसबी कैंप और सीमावर्ती क्षेत्रों में एसएसबी बढ़नी 50वीं वाहिनी सी कम्पनी के जवानों ने बड़े उत्साह के साथ सैकड़ों की संख्या में वृक्षारोपण किया। इस नेक कार्य में, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बढ़नी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ0 अविनाश चौधरी के नेतृत्व में डॉ0 एन0पी0 सिंह, डॉ0 विजय कुमार, तथा अस्पताल के कर्मचारी मकसूदन और अमृता पांडे सहित अन्य सदस्यों ने भी एसएसबी जवानों के साथ कदम से कदम मिलाकर पीएचसी परिसर में वृक्षारोपण कर अपना सक्रिय योगदान दिया। इस दौरान एसएसबी की ओर से सहायक सेनानायक उमेश जाधव बापू , हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल गौरी शंकर, कृष्ण मौर्य और राम सहाय सहित अन्य जवान भी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल पर्यावरण सन्तुलन बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में हरियाली और जैव विविधता को भी बढ़ावा देगी। यह वृक्षारोपण अभियान श्आजादी का अमृत महोत्सवश् और श्ळ20श् जैसे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर दिए जा रहे बल के अनुरूप है। बल के जवानों ने पेड़ लगाकर जहां प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, वहीं यह संदेश भी दिया कि सीमा सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। श्मिललेट्स 2023श् के उल्लेख से यह भी प्रतीत होता है कि बल स्वस्थ जीवन शैली और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति भी जागरूकता फैला रहा है। इस संयुक्त प्रयास ने समुदाय में पर्यावरण जागरूकता को और मजबूत किया है, जो सशस्त्र सीमा बल की बहुमुखी भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उसके समग्र योगदान को रेखांकित करता है।




