डीएम की अध्यक्षता में राजस्व वाद एवं वसूली के सम्बन्ध में हुई समीक्षा बैठक

सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 की अध्यक्षता व अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव एवं अपर जिलाधिकारी न्यायिक ज्ञान प्रकाश की उपस्थिति में राजस्व वाद एवं वसूली के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी डा0 राजागणपति आर0 द्वारा निर्विवाद वरासत एवं राजस्व वादों के निस्तारण आदि की समीक्षा की गयी। निर्विवाद वरासत की कोई प्रकरण लम्बित न रहे समय सीमा के अन्दर निस्तारण करायें, राजस्व निरीक्षक/लेखपाल के स्तर पर लम्बित होने पर उनको नोटिस निर्गत करें। तहसील बांसी एवं शोहरतगढ़ में राजस्व वादों के निस्तारण की समीक्षा की गयी। धारा-116 के 03 वर्ष से उपर के प्रकरणों को 15 अगस्त 2025 तक निस्तारित कराये। समस्त उपजिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी न्यायिक, तहसीलदार/तहसीलदार न्यायिक, नायब तहसीलदार प्रत्येक दिन कोर्ट में बैठकर 03 वर्ष से अधिक के सभी वादों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन केस की सुनवाई करें। धारा 34 के 03 वर्ष से उपर के प्रकरणों को 25 अगस्त 2025 तक निस्तारित करायें। वादों को ऑनलाइन फीडिंग कराने का निर्देश दिया दिया। वरासत के प्रकरणों का समय सीमा के अन्दर निस्तारण कराने का निर्देश दिया। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होना चाहिए। किसी भी धारा का 05 साल एवं 03 साल के उपर का कोई भी प्रकरण लम्बित नही होना चाहिए। अंश निर्धारण में प्रगति लाने का निर्देश दिया। धारा-24, धारा- 176, धारा-67, धारा-80 के अन्तर्गत प्रकरण पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि हाट पैठ हेतु भूमि चिन्हित कर उपलब्ध कराये। खुर्रा बटवारा के प्रकरण निस्तारित कराये कोई भी प्रकरण लम्बित नही रहना चाहिए। सभी उपजिलाधिकरी प्रत्येक सप्ताह लेखपाल की समीक्षा करें। इसके साथ ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर उस पर पत्थर लगवाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली बढ़ाकर लक्ष्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने का निर्देश दिया। इस अवसर पर समस्त उपजिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी न्यायिक, समस्त तहसीलदार, समस्त तहसीलदार, न्यायिक, नायब तहसीलदार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।




