देखरेख के अभाव में सामुदायिक शौचालय शिवपुर बैरागी का खंडहर में हो रहा तब्दील
जनता पर भारी पड़ रही ग्राम प्रधान की अनदेखी , शौच करने के लिए ग्रामीण कहां जाएं

दैनिक बुद्ध का सन्देश
विशेश्वरगंज (बहराइच)। भारी अव्यवस्था का केंद्र बना हुआ
बिशेश्वरगंज ब्लॉक का शिवपुर बैरागी गांव है जहां पर सरकारी शौचालय के नाम पर झाड़ियाँ, काई, कीचड़ और बदबू का अंबार लगा है। भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को लेकर बड़ी-बड़ी बातें होती हैं, लेकिन हकीकत यहां इतनी शर्मनाक है कि देखकर खुद शर्म आ जाए। रही बात शौचालय की तो शौचालय में साफ सफाई का नामोनिशान नहीं, भीतर घुसना तो दूर, लोग पास से गुजरते हुए नाक पर रुमाल रखने को मजबूर हैं। चारों तरफ उगी घास और जंगली पौधे बताते हैं कि देखरेख तो दूर, इसे छुआ तक नहीं गया। शिवपुर बैरागी गांव का ग्राम प्रधान अपने भाषणों में विकास की बातें खूब करता है, लेकिन गांव का शौचालय उनकी बातों पर खुद तमाचा मारता नजर आता है। सचिव का हाल यह है कि जैसे गांव केवल कागज़ों में ही मौजूद हो। जमीनी हकीकत देखना शायद उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है और वह आंख पर पट्टी बांधे हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अब सवाल उठता है — कि कहां गया स्वच्छ भारत मिशन का पैसा?
हालात देखकर ग्रामीणों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि या तो धनराशि हजम कर ली गई या फिर जिम्मेदारी से मुँह मोड़ लिया गया। यह शौचालय सुविधा नहीं, बदइंतजामी की निशानी बन चुका है। अब वक्त आ गया है कि प्रशासन खुद इस स्थिति का संज्ञान ले और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे वरना स्वच्छ भारत मिशन दीवारों पर लिखे एक खोखले नारे से ज़्यादा कुछ नहीं रह जाएगा।




