25 जून देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे काला अध्याय – राघवेन्द्र प्रताप सिंह

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। आपातकाल लागू होने के 50वीं वर्षगांठ पर बुधवार को डुमरियागंज तहसील सभागार में आपातकाल एक काला दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें आपातकाल से जुड़ी त्रासदी व विपत्तियों पर विस्तृत रूप से चर्चा हुई और आपातकाल से जुड़ी स्मृतियों की एक चित्र प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन मुख्य अतिथि एवं सभी उपस्थित लोगों द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि प्रभारी हियुवा उ. प्र. व पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने आपातकाल को संविधान की हत्या दिवस बताते हुए आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे काला अध्याय बताया। आज ही के दिन 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी। इस दिन, भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को दरकिनार कर दिया गया। आपातकाल के दौरान केन्द्रीय सत्ता द्वारा नागरिक स्वतंत्रता का निलंबन, मौलिक अधिकारों का हनन, संवैधानिक प्रावधानों की उपेक्षा और दमनकारी कार्यवाहियाँ चरम पर थीं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे तहसीलदार रविकुमार यादव ने आपातकाल पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आपातकाल के स्मरण के क्रम में दिनांक 25 जून 2025 से 25 जून 2026 तक स्मरणोत्सव के रूप में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भनवापुर लवकुश ओझा, एबीएसए अशोक कुमार सिंह, बीडीओ कार्तिकेय मिश्र, राकेश पाण्डेय, धर्मराज दुबे आदि ने आपातकाल पर प्रकाश डाला। इस दौरान पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय डुमरियागंज प्रथम में कक्षा 5 अध्यनरत श्याम पुत्र तुलसीराम, पूर्व माध्यमिक विद्यालय डुमरियागंज में कक्षा 7 अध्यनरत दिव्यांशी जायसवाल पुत्री योगराज जायसवाल, प्रिया पुत्री राम नरेश को पुरस्कृत किया गया। वही तहसील परिसर में मुख्य अतिथि द्वारा पौधारोपण किया गया। इस दौरान बीडीओ आलोक दत्त उपाध्याय, संजय वरुण, अमित मिश्रा, प्रेम कुमार गुप्ता, संतोष पासवान, रमेश गुप्ता, संतोष सिंघानिया आदि मौजूद रहें।




