परिषदीय स्कूलों का विलय शिक्षक और छात्र हित में नहीं – यूटा

सिद्धार्थनगर। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गैसडा, विकास क्षेत्र खुनियांव जनपद सिद्धार्थनगर पर यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन यूटा सिद्धार्थनगर ने शिक्षक एवं छात्र हित में शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई।बैठक की अध्यक्षता यूटा के जिलामंत्री प्रकाश नाथ त्रिपाठी ने किया यूटा जिलाध्यक्ष अभय कुमार पांडेय ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों के विलय की जो योजना बनाई गई है वह छात्र और शिक्षक हित में नहीं है विगत कई वर्षों से जिस प्रकार से परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का अधिकार छीना रहा है वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। एक समय था जब शिक्षक संगठनों के वाजिब मांग को सरकारें गंभीरता से लेती थीं और प्राथमिकता के आधार पर उन समस्यायों का निदान होता था। अब समय आ गया है कि हमे अपने अधिकारों को लेकर करो या मरो की नीति अपनानी पड़ेगी नहीं तो शिक्षक बेचारा बनकर रह जायेगा और अभी नहीं जागे तो तक बहुत देर हो चुका होगा। यूटा जिला महामंत्री प्रकाश नाथ त्रिपाठी ने भी इस मर्ज व्यवस्था से शिक्षक और छात्र के हितों का पड़ने वाला प्रभाव पर प्रकाश डाला और कहा कि सरकार को शिक्षक समस्यायों की चिंता नहीं है आए दिन नए नए शासनादेश जारी होता है और शिक्षकों को भय और तनाव 24 घंटे बना रहता है। आज वर्तमान में प्रत्येक विद्यालय में विषयवार शिक्षक,एक कंप्यूटर ऑपरेटर और चौकीदार की व्यवस्था समय की मांग है लेकिन पूरी जिम्मेदारी वर्तमान शिक्षक से लिया जाता है जिससे शिक्षक अपना मूल उद्देश्य पूरा ही नहीं कर पाता’और शिक्षक मानसिक रूप से बीमार हो गया है जनपद में 10 वर्षों से पदोन्नति प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है, पदोन्नति वेतनमान नहीं मिल रहा है जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती, शिक्षामित्र और अनुदेशक का सम्मानजनक मानदेय, पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली आदि समस्याएं जस की तस बनी है इस सभी को नजरअंदाज करके नए नए शासनादेश से शिक्षक ऊब चुका हैं अब समय आ गया हमे अपने अधिकारों के लिए अपनी चट्टानी एकता को दिखाना पड़ेगा और शिक्षक की सम्मान और गरिमा को बचाना होगा। जिला प्रवक्ता आनंद मिश्र ने कहा कि बेसिक शिक्षा जब तक भय और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं होगा तब तक शिक्षक अपना काम सुचारू रूप से नहीं कर सकता इस विलय व्यवस्था की गलत नीति का सभी शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया और इस व्यवस्था को सरकार द्वारा वापस लेने में यूटा के साथ संघर्ष में शामिल होने का निर्णय लिया इस बैठक में शिक्षक शशांक झा, रवि नाथ त्रिपाठी,जाफर अली, अवधेश यादव, रोहित गुप्ता, अबू बकर अंसारी, प्रमोद कुमार पांडेय, राजेश मिश्र, दिनेश अग्रहरि, अनिल सिंह, सुधा मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र, कुलदीप भार्गव, आनंद आदि शिक्षक शामिल हुए।




