विद्यालयों में एमडीएम खाद्यान्न वितरण की अनियमितताओं पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की आपत्ति
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दिए त्वरित निर्देश

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद सिद्धार्थनगर के जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ल द्वारा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि जनपद के कई विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत कोटेदारों द्वारा निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कई प्रधानाध्यापकों ने महासंघ को यह भी बताया कि कोटेदारों द्वारा राशन वितरण के समय कोई पावती या प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है, जिससे उपभोग प्रमाण पत्र तैयार करने में कठिनाई आती है। यह स्थिति विद्यालयों में पारदर्शिता की कमी और संभावित दुरुपयोग की ओर संकेत करती है। इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित जिला खाद्य विपणन अधिकारी तथा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस प्रकार की शिकायतों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। जारी पत्र में कहा गया है कि कोटेदारों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए कि वे विद्यालयों को समय से और पूर्ण मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराएं, साथ ही वितरण के समय विद्यालय प्रधानाध्यापक से आवश्यक प्रमाण पत्र या पावती भी प्राप्त करें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि विद्यालयों को प्राप्त खाद्यान्न की जानकारी तीन महीने की सूची के माध्यम से सार्वजनिक रूप से विद्यालयों में प्रदर्शित की जाती है। यदि किसी विद्यालय को खाद्यान्न की आपूर्ति नहीं हो रही है या उसमें अनियमितता है, तो यह स्पष्ट रूप से कोटेदार की लापरवाही को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में संबंधित कोटेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाये। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गई है कि खाद्यान्न आपूर्ति की नियमितता और गुणवत्ता की निगरानी के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे विद्यार्थियों को समय पर पोषणयुक्त भोजन प्राप्त हो और योजना की मूल भावना साकार हो सके।



