बसौनी में हुआ निरंकारी मिशन के तरफ से सतसंग का आयोजन

सिद्धार्थनगर। विकास क्षेत्र के बसौनी में निरंकारी मिशन के तरफ से एक सतसंग का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि गोंडा के ज्ञान प्रचारक कैलाश सोनी ने कहा कि प्रभू परमात्मा ने जो अपने हाथों से रचा हैं। उस पर हम चल रहे हैं। निराकार ब्रह्म ने ही संसार की रचना किया हैं। हरि तो सर्व व्यापी हैं। कण कण में हर जगह उसका रूप देखने को मिला है। सोनी ने कहा कि परमात्मा हर जगह हैं केवल इसका चेहरा ही बदला हैं। सतसंग में सबको बैठना चाहिए जहा कोई छुआ छुत नही हैं। वही भक्ति जो युगों युगों से प्रेरणा दे हैं। जो देते चल रहा हैं। गुरु नही होता तो इस पतमात्मा को जाना नही जा सकता था। बिना गुरु के भव सागर से पार नही हो सकता हैं। राम कृष्ण से बड़ा कोई नही था। लेकिन इनको भी गुरु के शरण मे जाना पड़ा। गुरु का दर्जा बहुत बड़ा है। लेकिन हमने इनको शरीर से जाना जबकि ऐसा नही होना चाहिए। देवी देवता भी हम लोगो जैसे रहते थे। जिनका असल रूप मनुष्य ही रहा हैं। वही ज्ञान है जो भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दिया था। जिनके कई जन्मों के पुण्य के बाद यह दिव्य ज्ञान को प्राप्त हुआ है। जो जानना चाहेंगे, जिसको भूख होगी वही परमात्मा की खोज करेगा। तभी यह मिल पायेगा। ज्ञान वही पुराना ही हैं। जो युगों युगों से रहा हैं। परमात्मा निराकार हैं, तो आप सब सगुण हो। पलक झपकते ही परमात्मा को जाना जा सकता हैं। जो अपने जीवन धारण कर लिया है।उसे बदलने में किंचित मात्र का भी समय नही लगेगा। संतो के बीच सुख शांति मिलती हैं। माहत्मा कुछ देने आए हैं लेने नही आये हैं।भगवान को रिझाने के लिए प्रेम की आवश्यकता है। भगवान भाव मे चले गए। यह हमसे दूर नही हैं बहुत ही पास हैं। आत्मा का कल्याण करने के लिए इसके मूल को जानने की जरूरत है। रोज सेवा सतसंग कर रहे हैं। लेकिन समय पूर्ण होने के बाद सब छोड़कर जाना है केवल कर्म ही साथ जाएगी। संचालन राम औतार ने किया। इस अवसर पर मुखी डा राजाराम यादव, बृजलाल, राम प्यारे, शांति पासवान, साधना, सुमन, बृजमोहन, सोनी, सहित तमाम लोगो ने भी बिचार रखे। सत्संग का आयोजन मुनिराम ने किया।




