घायल युवकों से मिलने पहुंची आरएसी की टीम अलीगढ़ अस्पताल

बरेली। भैंस के मीट को गोमाँस बताकर चार मुसलमान युवकों को अलीगढ़ में जिस तरह पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया जो इस बात को साबित करता है कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज क़ायम हो चुका है। यह प्रतिक्रिया दरगाह आला हज़रत से जुड़े संगठन ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी के मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी की तरफ से आई है। इसी को लेकर आरएसी की एक टीम अलीगढ़ में घायल युवकों और उनके परिजनों से मिली, टीम ने विस्तार से घटना की जानकारी ली। अदनान रज़ा ने अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे बरेली के मौलाना तस्लीम रज़ा से फोन पर बात भी की। इसके बाद मौलाना तस्लीम रज़ा के साथ मौलाना आरिफ़ रज़ा रामपुरी, डॉ. तौसीफ़ रज़ा, फ़साहत ख़ाँ, नवेद ख़ाँ, मौलाना इंतज़ार साहब आदि अलीगढ़ के अस्पताल पहुँचे। इन लोगों ने तीनो घायल नौजवानों से मुलाक़ात की जबकि चौथे युवक की गंभीर हालत के कारण डॉक्टरों ने मुलाक़ात न करने की सलाह दी। घायलों से मिलने के बाद टीम ने अदनान मियाँ को बताया कि अलीगढ़ पुलिस ने 13 नामज़द और 20-25 अज्ञात के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है, जिनमें से अभी तक सिर्फ़ तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। अदनान रज़ा ने एफआईआर में मॉब लिंचिंग की धारा नहीं होने पर कड़ा एतराज़ जताया है।




