ग्राम पंचायत पड़रिया में समय से नही आते मनरेगा मजदूर, कागजों में दम तोड़ती परियोजनाएं दैनिक बुद्ध का संदेश
रोजगार सेवक का मोबाइल नंबर रहता स्वीच ऑफ, कब कैसे और कौन लगा रहा हाजिरी ?

बढ़नी। विकास खंड बढ़नी के ग्राम पंचायत पड़रिया में विकास के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में दो साइड पर कुल लगभग पांच दर्जन मनरेगा श्रमिकों का मास्टर रोल भरा जा रहा है। जिसमें गुलजार के खेत से सोतवा नाला तक चकमार्ग पर मिट्टी पटाई कार्य व घनश्याम के खेत से सोतवा नाला तक मिटटी पटाई कार्य चल रहा है। शनिवार को मीडिया टीम ने जब धरातल पर सच्चाई जानने के लिए साइड पर तीन बजे पहुंच कर देखा तो मौके पर कोई भी श्रमिक , रोजगार सेवक व मेठ मौके पर मौजूद नहीं था, करीब आधा घंटे तक इंतजार करने पर भी कोई जिम्मेदार समय से नही पहुंचा। वहीं रोजगार सेवक शिव शंकर यादव के मोबाइल नंबर पर कई बार सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा। अब सवाल उठ रहा है कि रोजगार सेवक का मोबाइल जब स्वीच ऑफ रहता है तो मनरेगा श्रमिकों की हाजिरी कब और कौन कैसे लगा रहा है। वहीं सूत्रों की मानें तो एक रोजगार सेवक के पास कई ग्राम पंचायतों का कार्य भार होने की वजह से उनके आईडी पासवर्ड का कोई अन्य व्यक्ति गलत इस्तेमाल कर रहा है, जो जांच का विषय बन गया है।उक्त संबंध में एपीओ शाहिद सिराज का कहना है कि रोजगार सेवक का मोबाइल नंबर स्वीच ऑफ होने के कारण सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। लेकिन इस समय गर्मी के दिनों में तीन बजे से मनरेगा मजदूरों को साइड पर पहुंचना जरूरी होता है।
वहीं बीडीओ यशोवर्धन सिंह का कहना है कि रोजगार सेवक का मोबाइल स्विच ऑफ होने पर भी हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी रोजगार सेवक की है। अगर समय से मनरेगा मजदूर कार्य नहीं करते हैं तो एपीओ को अधिकार है मास्टर रोल जीरो कर सकते हैं। मामले की जांच कराई जायेगी।




