छंटनी के विरोध में कर्मचारी कर रहे हड़ताल, गर्मी में बिजली की समस्या से लोगों को जूझना पड़ेगा

बहराइच। मंगलवार रात बारह बजे के बाद संविदा कर्मी अपने प्रदेश के महासचिव देवेंद्र पांडे के आह्वान पर विद्युत निगम के आउटसोर्स कर्मचारी 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए तथा छंटनी के विरोध में कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताल में वह कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनकी छंटनी नहीं की गई है। बिजली कर्मचारियों ने 19 मई की रात 12 बजे के बाद पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर दिया। अब यदि ऐसे में कोई फॉल्ट हो गया तो उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या हो सकती है। बिजली उपकेंद्र का संचालन, बिजली लाइन के रखरखाव, ट्रांसफार्मर की खराबी, केबिल कटने समेत तमाम दिक्कतों का समाधान नहीं हो पाएगा। लोगों को भीषण गर्मी में बिजली की समस्या से जूझना पड़ सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के दौरान वह कोई भी काम नहीं करेंगे. अगर कहीं फाल्ट होता तो वह भी दुरुस्त नहीं हो पाएगा। ऐसे में 72 घंटे बिजली उपभोक्ताओं के साथ ही बिजली निगम के लिए अफसरों के लिए काफी मुश्किल भरे रहेंगे। दूसरी तरफ विद्युत कर्मियों का 72 घण्टे का कार्य बहिष्कार प्रबंधन पर सवाल खड़ा कर रहा है कि जो कर्मी दिन रात अपनी जान को जोखिम में डाल कर विभाग का काम कर रहे हैं फिर भी कोई इन कर्मियों का पुरुषाहाल नहीं है। विभाग में हो रही तमाम दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए न तो विभाग ने कोई उपकरण कर्मियों को दिया है न ही कोई समुचित संसाधन है फिर भी विभाग 8 घण्टे के बजाय 18 घण्टे तक संविदा कर्मियों से काम ले रहा है। ऊपर से छटनी का आदेश प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है,इस भीषण गर्मी में अगर विद्युत व्यवस्था चरमरा गई तो आम जनमानस पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। प्रबंधन के इस कड़े रूख को देखते हुए बिजली विभाग के संविदा कर्मी एकजुट होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं और निजीकरण छटनी,फेस अटेंडेंस,निजीकरण का विरोध कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष की अगुवाई में बिजली विभाग के सभी संविदा कर्मियों ने अपने अपने उपखंड अधिकारी को इस विषय में पूर्व सूचित भी कर चुके है। मोहित शुक्ला,लवकुश यादव,निरंजन तिवारी, पुरुषोत्तम, राजू, हर्षित मनोज शुक्ला,अमित श्रीवास्तव, रोहित सिंह अखिलेश सिंह आदि उपस्थित रहे।




