महिला नें सरकारी भूमि को फर्जी तरीके से विक्रय करने का लगाया आरोप

सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के सिविल लाइन्स निवासी आरती वर्मा पत्नी हृदय वर्मा ने गुरुवार को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर सरकारी भूमि को आपने नाम दर्ज करा कर फर्जी तरीके से विक्रय करने वाले एवं इसमे शामिल राजस्व कर्मियों व नगर पालिक परिषद सिद्धार्थनगर के तत्कालीन ईओ के विरुद्ध जांच कर कार्यवहीँ किये जाने की मांग की है। जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरती वर्मा ने लिखा है कि पूर्व लेखपाल उनको व उनके पति को भी आरोपी घनश्याम से मुलाकात कराई थी, और घनश्याम ने उन्हें एडीएम से परमीशन करवा कर भूमि विक्री की थी। जिसके लिए घनश्याम ने आरती वर्मा से चौबीस लाख रुपये भी लिया था, बाद में जिलाधिकारी को शिकायत हुई कि उक्त भूमि की गाटा संख्या पर बंजर दर्ज है, जो जांच मे सही पाया गया। और उक्त भूमि को ग्राम समाज की भूमि घोसित कर दी गयी। आरती ने ये भी लिखा है कि आरोपी घनश्याम इसी तरह से राजस्व कर्मियों एवं एईओ से मिलकर ग्राम समाज की भूमि व अन्य फ्राड का काम करता है। इस क्रम में 2021 में धोबीघाट को भी घनश्याम द्वारा अपनी पत्नी के नाम से मकान नम्बर एलाट करा कर अब्दुल गनी को विक्रय कर दिया गया तथा इसी प्रकार सिविल लाइन में घिसियावन कई मृत्यु के बाद घनश्याम अपने पांचो भाइयो का नाम राजस्व कर्मियों से मिलकर खतौनी में दर्ज करा कर समीम अख्तर के नाम विक्रय कर दिया गया। इसके अलावा नगर पालिका का खतौनी में दर्ज नवीन परती के लिए भी धारा 67(।) घनश्याम बनाम सरकार दखिल कर रखा है। इस प्रकार तमाम फर्जी तरीके से सरकारी भूमि वन्य भूमि को राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से विक्रय किये जाने को लेकर आरती वर्मा ने जिलाधिकारी से जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की है।




